गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए अन्ना हजारे नामांकित


गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए सुप्रसिद्ध समाजसेवी व देश में भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलनों के प्रणेता अन्ना हजारे को नामांकित किया गया है..

गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए अन्ना हजारे नामांकित


 

गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए सुप्रसिद्ध समाजसेवी व देश में भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलनों के प्रणेता अन्ना हजारे को नामांकित किया गया है। पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित बाबुराव हजारे उर्फ़ अन्ना हजारे को उनकी इन्हीं उपलब्धियों और योगदानों के लिए गांधी मंडेला पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। अन्ना हजारे एक भारतीय समाजसेवी हैं। जन लोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिये अन्ना ने 16 अगस्त 2011 से आमरण अनशन आरम्भ किया था। अन्ना हजारे का जन्म 15 जून 1937 को महाराष्ट्र के अहमदनगर के रालेगन सिद्धि गाँव के एक मराठा किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम बाबूराव हजारे और मां का नाम लक्ष्मीबाई हजारे था। उनका बचपन बहुत गरीबी में गुजरा। पिता मजदूर थे तथा दादा सेना में थे।

साल 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद सरकार की युवाओं से सेना में शामिल होने की अपील पर अन्ना 1962 में सेना की मराठा रेजीमेंट में ड्राइवर के रूप में भर्ती हो गए। 12 नवम्बर 1965 को चौकी पर पाकिस्तानी हवाई बमबारी में वहाँ तैनात सारे सैनिक मारे गए। इस घटना ने अन्ना के जीवन को सदा के लिए बदल दिया। इसके बाद उन्होंने सेना में 13 और वर्षों तक काम किया। 1975 में जम्मू में तैनाती के दौरान सेना में सेवा के 15 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले ली। वे पास के गाँव रालेगन सिद्धि में रहने लगे और इसी गाँव को उन्होंने अपनी सामाजिक कर्मस्थली बनाकर समाज सेवा में जुट गए।

'गांधी मंडेला अवार्ड' राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों और नेल्सन मंडेला के प्रेरणादायी जीवन को समर्पित एक ऐसा सम्मान है जो ऐसी ही महान विभूतियों को दिया जाएगा जिन्होनें अपना जीवन लोकल्याण को समर्पित कर दिया। इस पुरुस्कार का एकमात्र उद्देश्य दुनियाभर में शांति का संदेश फैलाने और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व दक्षिण अफ्रीकी नेता नेल्सन मंडेला के प्रेरणादायी जीवन से लोगों को रूबरू कराना है। Interactive Forum On Indian Economy और गांधी मंडेला फाउंडेशन के महासचिव श्री नंदन झा ने ‘गांधी मंडेला अवॉर्ड के इस अनोखे मंच की शुरुआत की है।

 

We welcome 🇧🇩 Justice #MdTafazzulIslam
(Former Chief Justice of Bangladesh), #KedarNathUpadhiyay ji (former Chief Justice of Nepal 🇳🇵) & #BabaRamdev ji for joining as jury member for #GandhiMandelaAward 2019 pic.twitter.com/uyQBCy2v7k

— Gandhi Mandela Award (@gmaawards1) September 27, 2019

 

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