'सद्गुरु' जग्गी वासुदेव गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए नामांकित


ईशा फाउंडेशन संस्थापक 'सद्गुरु' जग्गी वासुदेव को गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है..

'सद्गुरु' जग्गी वासुदेव गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए नामांकित


 

'सद्गुरु' जग्गी वासुदेव को गांधी मंडेला पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। 'सद्गुरु' जग्गी वासुदेव ने लोगों में अध्यात्म और ज्ञान की ओर उन्मुख करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है। सद्गुरु ने ईशा फाउंडेशन की स्‍थापना और ईशा योग कार्यक्रमों की शुरुआत की। वह ईशा फाउंडेशन जो एक लाभरहित मानव सेवी संस्‍थान है उसके संस्थापक हैं। ईशा फाउंडेशन भारत सहित संयुक्त राज्य अमेरिका, इंग्लैंड, लेबनान, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में योग कार्यक्रम सिखाता है साथ ही साथ कई सामाजिक और सामुदायिक विकास योजनाओं पर भी काम करता है। इसे संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक परिषद में विशेष सलाहकार की पदवी प्राप्‍त है। उन्होने 8 भाषाओं में 100 से अधिक पुस्तकों की रचना की है।

इसी उद्देश्‍य को लेकर की तकि लोगों को आत्मज्ञान की अनुभूति की जा सके। सद्गुरु को 24 साल की उम्र में अनायास ही गहन आत्‍म अनुभूति हुई, जिसने इनके जीवन की दिशा को ही बदल दी। जग्गी वासुदेव ने उन अनुभवों को बाँटने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने का फैसला किया। सद्गुरु जग्गी वासुदेव का जन्‍म 5 सितंबर 1957 को कर्नाटक राज्‍य के मैसूर शहर में हुआ। उनके पिता एक डॉक्टर थे। 'गांधी मंडेला अवार्ड' एक ऐसा मंच है जो उन विशेष हस्तियों को सम्मानित करता है जिन्होनें अपने अथक प्रयास से लोगों के जीवन में प्रेरणादायक बदलाव किए बल्कि देश का उत्थान में सकारात्मक भूमिका भी अदा की। Interactive Forum On Indian Economy और गांधी मंडेला फाउंडेशन के महासचिव श्री नंदन झा ने ‘गांधी मंडेला अवॉर्ड के इस अनोखे मंच की शुरुआत की है।

 

We welcome 🇧🇩 Justice #MdTafazzulIslam
(Former Chief Justice of Bangladesh), #KedarNathUpadhiyay ji (former Chief Justice of Nepal 🇳🇵) & #BabaRamdev ji for joining as jury member for #GandhiMandelaAward 2019 pic.twitter.com/uyQBCy2v7k

— Gandhi Mandela Award (@gmaawards1) September 27, 2019

 

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