कोरोना का कहर


2 लाख से ज्यादा लोग हो सकते हैं कोरोना के शिकार दिल्ली में और देश में 1 crore -ICMR अगर सबकुछ कंट्रोल में रहा तो दिल्ली में कोरोनावायरस का संक्रमण 2 लाख को पार कर सकता है, लेकिन अगर इसे फैलने से नहीं रोका गया तो सबसे खराब स्थिति में ये एक करोड़ लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है.

कोरोना का कहर


2 लाख से ज्यादा लोग हो सकते हैं कोरोना के शिकार दिल्ली में और देश में 1 crore -ICMR  अगर सबकुछ कंट्रोल में रहा तो दिल्ली में कोरोनावायरस का संक्रमण 2 लाख को पार कर सकता है, लेकिन अगर इसे फैलने से नहीं रोका गया तो सबसे खराब स्थिति में ये एक करोड़ लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है. ये बातें इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के एक स्टडी में सामने आई है.   ऐसी ही बात अमेरिका स्थित सेंटर फॉर डिसीज डायनेमिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी के रमन लक्ष्मीनारायण ने भी कही थी. लक्ष्मीनारायण ने अनुमान लगाया था कि इस महामारी की वजह से भारत में करीब 10 लाख लोगों की मौत हो सकती है, जबकि संक्रमित होने वाली संख्या 30 करोड़ से अधिक हो सकती है. यह स्टडी भारत द्वारा देशव्यापी तालाबंदी मतलब लॉकडाउन के शुरू होने से पहले की गई थी. इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च के एक विशेष संस्करण का हिस्सा बनने के लिए ICMR के इस अध्ययन ने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता को चुना था क्योंकि कोरोना से बुरी तरह प्रभावित होने वाले देशों से भारत आने वाले लोग पहले इन्हीं शहरों में आए थे. 15 लाख से एक करोड़ लोगों पर खतरा ICMR के पास दो मॉडल हैं, एक आशावादी और एक निराशावादी. आशावादी हालत में एक संक्रमित व्यक्ति करीब 1.5 व्यक्तियों को संक्रमित करता है जबकि निराशावादी मॉडल में, संक्रमण चार लोगों को होता है. आशावादी परिदृश्य में शुरुआत के 200 दिन बाद और निराशावादी परिदृश्य में 50 दिनों के अंदर संक्रमण अपनी उंचाई पर होता है. अगर आशावादी परिदृश्य को देखें तो 15 लाख लोगों में ये वायरस फैलेगा और निराशावादी परिदृश्य में एक करोड़ तक बढ़ सकता है.  हालांकि, स्टडी में ये भी सुझाव दिया गया है कि अगर दिल्ली और केंद्र सरकार पर्याप्त कदम उठाने में सक्षम हैं, तो