प्रवासी मजदूरों पर सियासी घमासान जारी,राहुल गांधी के वीडियो पर बीजेपी का वार


एक तरफ तो लॉकडाउन से परेशान मजदूरों की मजबूरियां खत्म नहीं हो रहीं, वहीं, दूसरी तरफ राजनीतिक पार्टियों ने इसे सियासी मुद्दा बना लिया है। प्रवासी मजदूरों को लेकर लगातार राजनीति हो रही है, लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर जारी सियासत कब खत्म होती ये तो वक्त ही बताएगा, लेकिन मजदूरों को लेकर सियासी पार्टियां अपनी जरुर राजनीति जरुर चमकाना चाहती है।

प्रवासी मजदूरों पर सियासी घमासान जारी,राहुल गांधी के वीडियो पर बीजेपी का वार


देशभर में चल रहे कोरोना संकट के बीच एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आम लोगों की आवाज को बुलंद किया है।  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार देश की जनता के मुद्दों, परेशानियों और मजबूरियों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते आ रहे हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर उन्होंने देश की रीढ़ कहे जाने वाले मजदूरों की परेशानियों को उनके बीच रहकर सुना और उनकी आवाज को सत्ताधारियों तक पहुंचाने की कोशिश की है। 

Watch this short film in which I speak with India’s real nation builders, our migrant brothers & sisters. https://t.co/As99mjVvyt

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 23, 2020

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने राहुल गांधी की डॉक्यूमेंट्री का समर्थन करते हुए कहा कि ये वीडियो मजदूरों के दर्द और तकलीफ को बयां कर रहा है, साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर केंद्र के पास कोई मजबूत रणनीति होती तो आज मजदूरों की ये दशा नहीं होती। उन्होंने मोदी सरकार को मजदूर और युवा विरोधी करार दिया...

वहीं अब इस मुद्दे को उठाने के बाद राहुल गांधी सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों और लोगों के निशाने पर भी आए। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल के वीडियो को पॉलिटिकल पॉल्यूशन बताया।  उन्होंने कहा कि राहुल को पॉलिटिकल पॉल्यूशन फैलाना बंद करना चाहिए।  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये असाधारण संकट का समय है लेकिन कांग्रेस नेता राजनीति करने में जुटे हैं। नकवी ने कहा कि इनकी दिक्कत ये है कि ये हर दिन कन्फ्यूजन पैदा करना चाहते हैं। 

वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस हुकुमत में रहते कभी मजदूरों का भला नहीं कर पाई लेकिन आज वो मजदूरों के कंधे पर अपनी राजनीतिक बिसात बिछाना चाहती है। 

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर मजदूरों के साथ घिनौनी राजनीति का आरोप लगाया, मायावती ने ट्वीट कर राहुल गांधी को घेरा। मायावती ने राहुल गांधी की तरफ से जारी वीडियो को हमदर्दी जताने वाला कम जबकि नाटक ज्यादा बताया। मायावती ने कहा कि इससे बेहतर होता अगर कांग्रेस ये बताती कि राहुल गांधी से मिलते वक्त कितने लोगों की वास्तविक मदद की। 

4. बीएसपी के लोगों से भी पुनः अपील है कि जिन प्रवासी मजदूरों को उनके घर लौटने पर उन्हें गाँवों से दूर अलग-थलग रखा गया है तथा उन्हें उचित सरकारी मदद नहीं मिल रही है तो ऐसे लोगों को भी अपना मानकर उनकी भरसक मानवीय मदद करने का प्रयास करें। मजलूम ही मजलूम की सही मदद कर सकता है। 4/4

— Mayawati (@Mayawati) May 23, 2020

एक तरफ तो लॉकडाउन से परेशान मजदूरों की मजबूरियां खत्म नहीं हो रहीं, वहीं, दूसरी तरफ राजनीतिक पार्टियों ने इसे सियासी मुद्दा बना लिया है।  प्रवासी मजदूरों को लेकर लगातार राजनीति हो रही है, लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर जारी सियासत कब खत्म होती ये तो वक्त ही बताएगा, लेकिन मजदूरों को लेकर सियासी पार्टियां अपनी जरुर राजनीति जरुर चमकाना चाहती है। 

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