चार्टर्ड फ्लाइट से इन्फोसिस ने 200 कर्मचारियों/परिवारों को भेजा भारत वापस


इंफोसिस के कार्यकारी अधिकारी संजीव बोड़े ने एक लिंक्डइन पोस्ट में लिखा है, "इन्फोसिस के कुछ कर्मचारी वीजा समाप्ति के कारण अमेरिका में फंसे थे। सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को कोरोना वायरस के चलते निलंबित कर दिया गया था

चार्टर्ड फ्लाइट से इन्फोसिस ने 200 कर्मचारियों/परिवारों को भेजा भारत वापस


बेंगलुरु: दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने अपने कुछ कर्मचारियों और उनके परिवारों वालों को संयुक्त राज्य अमेरिका में कोरोनो वायरस संकट और वीजा मुद्दों के बीच फंसे होने के बाद वापस उनके घर भेज दिया है। इंफोसिस ने उन्हें चार्टर्ड फ्लाइट में वापस भेज है। 200 लोग, जिसमें कर्मचारी और उनके परिवार वाले शामिल है, सोमवार तड़के बेंगलुरु पहुंच गए और अब वो बेंगलुरु या भारत के अन्य स्थानों से काम करेंगे।

इंफोसिस के कार्यकारी अधिकारी संजीव बोड़े ने एक लिंक्डइन पोस्ट में लिखा है, "इन्फोसिस के कुछ कर्मचारी वीजा समाप्ति के कारण अमेरिका में फंसे थे। सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को कोरोना वायरस के चलते निलंबित कर दिया गया था।"

उन्होंने लिंक्डइन पर कहा कि, "कंपनी ने अमेरिका से भारत के लिए 200+ कर्मचारियों और परिवारों के लिए विशेष रूप से पहली चार्टर्ड फ्लाइट बुक की। जिस वक्त इसे लिखा रहा हूं उस वक्त उड़ान बैंगलोर में सुरक्षित रूप से लैंड कर चुकी है, जिसके चलते हफ्तों से जूझ रहे लोगों की दिक्कतें कम हुई हैं।" 

Infosys: compassionate capitalism at work! https://t.co/x6VRZxojLi

— Nandan Nilekani (@NandanNilekani) July 6, 2020

भारत ने 31 जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध को बढ़ा दिया है क्योंकि राष्ट्र कोरोनावायरस महामारी से निपटने के लिए अपनी "अनलॉक 2" योजना निर्धारित कर रहा है। नागरिक उड्डयन नियामक DGCA ने कहा कि सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है और केवल DGCA द्वारा अनुमोदित कार्गो और उड़ानों को अनुमति दी जाएगी।

एयर इंडिया और अन्य निजी घरेलू एयरलाइंस 6 मई से शुरू हुई वंदे भारत मिशन के तहत अनिर्धारित अंतरराष्ट्रीय प्रत्यावर्तन उड़ानों का संचालन कर रही हैं।

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