प्लास्टिक मल्चिंग से करें खेती, कम लागत में बड़ा मुनाफ़ा


एक ही पौधे को चारों तरफ से प्लास्टिक से ढक देने की प्रक्रिया को प्लास्टिक मल्चिंग कहते हैं। इसके लिए मार्केट में प्लास्टिक फिल्म उपलब्ध होती है।

प्लास्टिक मल्चिंग से करें खेती, कम लागत में बड़ा मुनाफ़ा


प्लास्टिक मल्चिंग खेती करने का वो आधुनिक तरीका जिसके ज़रिए अपने खेत से पानी को अधिक समय तक रोका जा सकता है। इससे खेत की नमी भी बनी रहती है। जानते हैं कि किस तरीके से प्लास्टिक मल्चिंग की जाती है।

प्लास्टिक मल्चिंग क्या है?

एक ही पौधे को चारों तरफ़ से प्लास्टिक से ढक देने की प्रक्रिया को प्लास्टिक मल्चिंग कहते हैं। इसके लिए मार्केट में प्लास्टिक फिल्म उपलब्ध होती है।     

प्लास्टिक मल्चिंग से क्या है फायदा

इस तकनीकी के ज़रिए खेत में पानी की नमी को बनाए रखने और वास्तविक कारण से रोका जाता है। साथ ही यह तकनीकी मिट्टी के कटाव को भी रोकती है। खेत में खरपतवार के होने को भी बचाती हैं और फ़सल सुरक्षित रखने के लिए सहायक होती है। 

प्लास्टिक मल्चिंग कैसे करें?

जिस खेत में फ़सल लगानी है सबसे पहले उस खेत की अच्छे से जुदाई कर लें। मिट्टी का परीक्षण कराने के बाद उस में उचित मात्रा में खाद भी मिला दें। खेत में क्यारीयों का निर्माण करें और उसके ऊपर ड्रिप सिंचाई की पाइप लाइन को बिछा लें। उसके बाद माइक्रोन प्लास्टिक को क्यारीयों के ऊपर बिछा दे और उसके दोनों किनारों को मिट्टी से दबा दें। उसके बाद फाइव प्लास्टिक के ऊपर से छिद्र करके पौधे को अच्छे से लगा दें।

प्लास्टिक मल्चिंग करते समय इन बातों का रखें खास ध्यान 

प्लास्टिक फिल्म हमेशा सुबह या शाम के समय लगानी चाहिए।

फिल्म में ज्यादा तनाव नही रखना चाहिए।

फिल्म में छेद करते वक्त सावधानी से करे सिंचाई, नली का रखें ध्यान।

छेद एक जैसे करें और फिल्म न फटे इस बात का ध्यान रखें।

मिटटी चढ़ाने में दोनों साइड एक जेसी रखें।

फिल्म की घड़ी हमेशा गोलाई में करें।

फिल्म को फटने से बचाएं ताकि उसका उपयोग दूसरी बार भी हो और उपयोग होने के बाद उसे चाव में सुरक्षित रखें।

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