किसानों को मूंग से होगा करोड़ों का नुकसान


सरकारी समर्थन मूल्य पर श्रीगंगानगर ज़िले के 16 केंद्रों पर सिर्फ 3750 किसानों से मूंग की खरीद होगी। जानिए इस घाेषणा ने भाजपा सरकार के विधायकों की चिंता क्यों बढ़ा दी है।

किसानों को मूंग से होगा करोड़ों का नुकसान


सरकारी समर्थन मूल्य पर श्रीगंगानगर के 16 केंद्रों पर मूंग की खरीद तो शुरू हो गई, लेकिन सिर्फ 3750 किसानों से मूंग की खरीद की जाएगी, इस घाेषणा ने भाजपा सरकार के विधायकों की चिंता बढ़ा दी है।

अंदाज़ा है कि इस घोषणा के बाद ज़िले भर के किसानों को मूंग में ही 68.73 करोड़ का नुकसान होना तय है। 

बता दें ज़िले भर में इस बार 5.60 लाख क्विंटल मूंग का उत्पादन हुआ है, जबकि सरकार केवल 93 हज़ार 750 क्विंटल ही खरीदेगी।

दिलचस्प बात यह है कि समर्थन मूल्य पर मूंग खरीद को लेकर बुधवार शाम 4.30 से शाम 7 बजे तक ऑनलाइन टोकन पंजीयन की प्रक्रिया चली। वेबसाइट पर जैसे ही टोकन पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हुई तो किसान ई-मित्रों पर उमड़ पड़े।

ढाई घंटे के दौरान ज़िलेभर के 1500 किसानों ने टोकन कटवाए। इसके बाद शाम 7 बजे सर्वर डाउन होने से टोकन पंजीयन की प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान आधे से कम किसानों के ही पंजीयन हो पाए।

बता दें कि नागौर केंद्र पर पिछले चार दिनों में 8 किसानों से 360 कट्टे मूंगों की ही खरीद हो पाई है। केंद्र प्रभारी रामनिवास सिंवर ने बताया कि गुरुवार को 8 किसानों को बुलाया गया है। उनसे मूंगों की खरीद की जाएगी। 

दूसरी तरफ़ भाजपा के पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में नेताओं ने संकेत दिए कि अगर मूंग की पूरी तरह खरीद नहीं की गई तो इससे पार्टी को चुनावों में राजनीतिक नुकसान हो सकता है। कार्यकर्ताओं ने साफ़ कहा कि सरकार ने मूंग नहीं खरीदा तो उन्हें बाजार में बेचना पड़ेगा। इससे उन्हें नुकसान होगा और मजबूरन उन्हें आंदोलन भी लड़ना होगा।

चुनावी समय में किसानों ने आंदोलन किया तो भाजपा को ज़िलेभर में नुकसान झेलना पड़ सकता है। कुछ ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता गांवों में वोट मांगने जाएंगे तो उन्हें भी पुरजोर विरोध का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी कार्यालय में बुधवार को मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, विधायक राजेंद्र भादू, गुरजंटसिंह बराड़, यूआईटी अध्यक्ष संजय महिपाल, प्रहलादराय टाक आदि ने मूंग खरीद संबंधी समीक्षा बैठक की और किसानों से मिल रहे फीड बैक पर चिंता जताई।