पराली जलाने को लेकर हरियाणा की स्थिति चिंताजनक


पराली जलाने की अब तक की घटनाओं में पंजाब से अधिक हरियाणा में मामला दर्ज हुए हैं।

पराली जलाने को लेकर हरियाणा की स्थिति चिंताजनक


सरकार द्वारा पराली जलाने को लेकर इतना जागरूकता अभियान चलाये जाने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुई है। पराली जलाने का शोर भले ही पंजाब में अधिक सुनाई दे रहा हो लेकिन हरियाणा में स्थिति ज़्यादा खराब है।

रिपोर्ट के मुताबिक पराली जलाने की अबतक की घटनाओ में पंजाब से अधिक हरियाणा में मामला दर्ज हुए हैं। हरियाणा में 923 तो पंजाब में 699 घटनाएं दर्ज हुई हैं। यह स्थिति तब है जब हरियाणा ने पिछले साल के मुकाबले इस साल पराली जलाने की घटना में नब्बे फीसदी कमी लाने का वादा किया था।

हरियाणा दिल्ली NCR के सबसे करीब है, इसलिए वहां की पराली जलाने की घटना अधिक चिंताजनक है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिल्ली के प्रदुषण का स्तर बढ़ना निश्चित है। वैसे आने वाले दो हफ्ते दोनों राज्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्यूंकि इन्ही दो हफ़्तों में पराली जलाने की सबसे अधिक घटना सामने आती हैं। हालांकि पराली जलाने की घटना की आ रही रिपोर्ट ने दोनों ही राज्यों की पोल खोल दी है।

पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 14 अक्टूबर तक की स्थिति में इस साल पंजाब में पराली जलाने की 699 घटना सामने आ चुकी हैं। जो की पिछले साल से 75 फीसदी कम हैं। वहीं हरियाणा में 923 घटनांए सामने आयी हैं। जो की पिछले साल की तुलना में 40 फीसदी कम हैं।

दोनों राज्यों ने जिस कमी का दावा किया था, उससे बहुत पीछे हैं। पर्यावरण मंत्रालय को हरियाणा से काफी उम्मीद थी लेकिन हरियाणा ने उस उम्मीद पर पानी फेर दिया।

इसी बीच मानसून विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में हवा का रुख बदलेगा। इसका असर दिल्ली पर दिखेगा क्यूंकि इसके चलते पराली जलने का धुँआ दिल्ली पर छा सकता है।