पंचायत भवन की विवादित ज़मीन की जाँच में शिथिलता से डीएम ख़फा


डीएम ने खजौली के बीडीओ और सीओ को एक बार फिर सख्त निर्देश दिए कि संयुक्त जाँच कर प्रतिवेदन समर्पित करना सुनिश्चित करें।

पंचायत भवन की विवादित ज़मीन की जाँच में शिथिलता से डीएम ख़फा


मधुबनी ज़िले के खजौली प्रखंड क्षेत्र में चतरा गोबरौड़ा दक्षिण पंचायत में पंचायत सरकार भवन का निर्माण हेतु प्रस्तावित भूमि की संयुक्त जाँच करने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देश का पालन न करने और संयुक्त रूप से जाँच कर संयुक्त जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध न कराने के मामले को डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने काफी गंभीरता से लिया है।

इस मामले में उन्होंने खजौली के बीडीओ और सीओ से जवाब तलब भी किया है। डीएम ने खजौली के बीडीओ और सीओ को एक बार फिर सख्त निर्देश दिए कि समाजसेवा राम उदगार महतो द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेखित बिंदु तथा पूर्व में दिए गए निर्देश के आलोक में शीघ्र संयुक्त जाँच कर प्रतिवेदन समर्पित करना सुनिश्चित करें। 
 

मामले को लेकर खजौली के बीडीओ और सीओ को भेजे गए पत्र में डीएम ने उल्लेख किया है कि काशी टोल चतरा निवासी परिक्षण यादव से प्राप्त आवेदन में वर्णित बिंदुओं की संयुक्त जाँच कर मनतत्व के साथ संयुक्त जाँच के साथ प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया गया था।

बावजूद इसके संयुक्त जाँच प्रतिवेदन अप्राप्त है। इसके अलावा समाजसेवी राम उदागर महतो से प्राप्त आवेदन में वर्णित तथ्यों के आलोक में भी संयुक्त जाँच कर प्रतिवेदन मंतत्व के साथ समर्पित करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन अधतन ये जाँच प्रतिवेदन भी अप्राप्त है। इस बीच पुनः समाजसेवी राम उदागर महतो ने आवेदन देकर सूचित किया है कि चतरा गोबरौड़ा पंचायत में पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि पर ले आउट के लिए टेंडर हो चुका है।

इस पर उन्होंने रोक लगाने का अनुरोध किया है। जिस कारण इस मामले की संयुक्त जाँच कर शीघ्र संयुक्त जाँच प्रतिवेदन मंतत्व के साथ समर्पित करना सुनिश्चित करें।

इस पत्र में डीएम ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में दिए गए निर्देश के बावजूद मंतत्व सहित जाँच प्रतिवेदन समर्पित नहीं करना अत्यंत ही खेदजनक है। साथ ही ये कृत्य स्वेच्छाचारिता, कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उच्चाधिकारी के आदेश की अवेहलना का भी घोतक है।