बिहार के बक्सर में गंगा नदी में तैरती मिली संदिग्ध Covid -19 पीड़ितों की लाशें


बक्सर जिले के चौसा के पास स्थित महादेव घाट पर शवों की तस्वीरें आज सुबह सोशल मीडिया पर छा गईं।

बिहार के बक्सर में गंगा नदी में तैरती मिली संदिग्ध Covid -19 पीड़ितों की लाशें


जैसा कि कोविड -19 से संबंधित मौतों की खबरें देश भर में लोगों के परेशान कर रही हैं, ऐसे में लोगों ने आज बिहार के बक्सर के महादेव घाट पर भयावह दृश्य देखा। बक्सर जिले के चौसा के पास स्थित महादेव घाट पर शवों की तस्वीरें आज सुबह सोशल मीडिया पर छा गईं। इतनी बड़ी तादाद में शवों की बरामदगी ने लोगों को स्तब्ध कर दिया।
लगता है कि कोविड -19 रोगियों के शवों के प्रति असंवेदनशीलता का कोई अंत नहीं है।

उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार ने इस घटना के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराना शुरू कर दिया क्योंकि स्थानीय लोगों ने घाट पर जमा हो रहे शवों के बारे में अवाज उठाई। 
बिहार में अधिकारियों के अनुसार, शव उत्तर प्रदेश के थे। चौसा जिले के अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि चौसा जिले में महादेव घाट पर खड़े होकर कुछ 40-45 शव तैरते देखे गए, जिनकी गिनती 100 के करीब हो सकती है।
चौसा बीडीओ अशोक कुमार ने आरटीआई को फोन पर बताया, "स्थानीय चौकीदार द्वारा हमें सचेत किया गया था कि कई शव ऊपर से तैरते हुए देखे गए हैं। हमारे पास अब तक इनमें से 15 हैं। कोई भी मृतक जिले का निवासी नहीं है।"
उन्होंने कहा "उत्तर प्रदेश के कई जिले नदी के पार स्थित हैं और शवों को अज्ञात कारणों से गंगा में फेंक दिया गया है। हम इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते हैं कि क्या मृतक वास्तव में COVID 19 पॉजिटिव थे। शव सड़ने शुरू हो गए हैं। लेकिन हम यह सुनिश्चित करते हुए सभी सावधानी बरत रहे हैं कि इनका निपटान सभ्य तरीके से किया जाए ”।

“शव फूल चुके हैं और कम से कम पांच से सात दिनों के लिए पानी में है। हमें यह जांचने की जरूरत है कि वे कहां से हैं, यूपी के किस शहर से हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि मौत का आंकड़ा पूरी तरह से अलग है, जो कि प्रशासन क्यॉ रिपोर्ट कर रहा है। आसपास के इलाकों में भय और दहशत थी क्योंकि ग्रामीणों ने शवों के कारण संक्रमण फैलने की आशंका जताई थी। एक ग्रामीण ने यह भी कहा कि शवों का जल्द से जल्द अंतिम संस्कार करने की जरूरत है।
 

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