सरकार ने विशेष कृषि निर्यात ज़ोन बनाया


कृषि उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी के लिए देशभर में कृषि निर्यात ज़ोन बनाए जाएंगे।

सरकार ने विशेष कृषि निर्यात ज़ोन बनाया


कृषि उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी के लिए देशभर में कृषि निर्यात ज़ोन बनाए जाएंगे। अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में भारत की स्थिति मज़बूत करने के लिए सरकार जल्द ही राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति की घोषणा करेगी।

जिसका मसौदा तैयार हो चूका है। वैश्विक बाज़ार में भारत की कृषि निर्यात की हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए जैविक कृषि उत्पादों की पैदावार में वृद्धि पर ज़ोर दिया जाएगा। स्थापित किये जाने वाले विशेष कृषि निर्यात ज़ोन को देश के विभिन्न बंदरगाहों और हवाईअड्डों से जोड़ा जाएगा।

राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति के मसौदे में इसे शामिल करते हुए कृषि उत्पादों में जैविक उत्पादों को विशेष प्रोत्साहित किया जाएगा। भारत को जैविक कृषि उत्पादों का केंद्र बनाने की योजना है। जिसके तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों में परम्परागत खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें जैविक खेती महत्व भूमिका निभाएगी।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने जैविक उत्पादों के एक समारोह में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में जैविक उत्पादों की बहुत मांग है। भारत में सालाना 60 करोड़ टन कृषि और बागवानी उत्पादों की पैदावार होती है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति में किसानों कि आमदनी को दोगुना करने के उपायों को शामिल किया जाएगा।

कृषि उत्पादों का मौजूद निर्यात 22 हज़ार करोड़ रुपया है, जिसे बढ़ाकर 50 हज़ार करोड़ रुपया करने का लक्ष निर्धारित किया गया है। इस लक्ष को पूरा करने के लिए वर्ष 2022 का समय मुकर्रर किया गया है। राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति का मसौदा कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और वाणिज्य मंत्रालय संयुक्त रूप से काम कर रहा है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के सहयोग से कृषि उत्पादों की छति को रोका जा सकता है।

 

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