पंचों ने महिला को 15-15 दिन दोनों मर्दो के साथ रहने को कहा


बरेली में पंचायत द्वारा इंसानियत को तार-तार करने वाला फैसला सुनाया गया। जिसमें पंचायत ने एक महिला की जिंदगी को दो मर्दों के बीच बांट कर रख दिया। उसके 4 साल के बेटे को उसके पूर्व शौहर को सौंप दिया।

पंचों ने महिला को 15-15 दिन दोनों मर्दो के साथ रहने को कहा


बरेली में पंचायत द्वारा इंसानियत को तार-तार करने वाला फैसला सुनाया गया। जिसमें पंचायत ने एक महिला की जिंदगी को दो मर्दों के बीच बांट कर रख दिया। उसके 4 साल के बेटे को उसके पूर्व शौहर को सौंप दिया। महिला इंसाफ के लिए पुलिस के पास गई लेकिन पुलिस की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। 

महिला का आरोप है की उसके पति ने उसे 5 दिन तक घर के अंदर कैद रखा था। किसी तरीके से उसने 100 नंबर पर फोन करके पुलिस को बुलाया जिसके बाद पुलिस ने उसे वहां से निकाला। महिला ने बताया की उसके बाद फिर से समझौता किया गया और उसे दोबारा ससुराल भेज दिया गया। शादी के 1 साल के अंदर ही 10 से 12 पंचायतें भी बुलाई गईं। उसके बाद भी कुछ भी ठीक नहीं हुआ मुझे लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा।

अंत में शादी के 4 साल बीतने के बाद उसके पति ने उसे तलाक दे दिया। तलाक के 2 साल बाद महिला ने दूसरी शादी करके अपनी जिंदगी नए तरीके से जीने की सोची। जिसके बाद उसके पहले पति ने उससे उसका बच्चा छीन लिया। जब महिला ने समझौते का प्रयास किया तो पंचों ने फैसला सुनाया की तुम 15-15 दिन दोनों पतियों के साथ रहो।

कहीं से भी किसी प्रकार की मदद ना मिलने के बाद अर्शी आला हज़रत हेल्पलाइन सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान के पास इंसाफ मांगने के लिए गई। पूरे मामले को समझने के बाद निदा खान ने कहा की वो एसएसपी से मिलकर अर्शी को न्याय दिलाएंंगी। अर्शी का बच्चा काफी छोटा है। अभि वो साढ़े चार साल का है। इसलिए उसे मां की ज़रूरत है। ऐसे हालात में बच्चा आरसी को ही मिलना चाहिए।