इन एप्लीकेशन से लें खेती की जानकारी...


खेती के बारे में जानकारी देने के लिए बहुत सारे एंड्रॉयड ऐप उपलब्ध हैं। जिसमें खेती की तमाम तकनीकी जानकारी किसानों को मुहैया कराई जाती है।

इन एप्लीकेशन से लें खेती की जानकारी...


आज के दौर में सबसे ज़रूरी हो जाता है किसानों को टेक्नोलॉजी से जोड़ना। डिजिटल एग्रीकल्चर वो माध्यम है जिसके लिए किसानों को उन्नत खेती के बारे में बताया जा सकता है।

खेती के बारे में जानकारी देने के लिए बहुत सारे एंड्रॉयड ऐप उपलब्ध हैं। जिसमें खेती की तमाम तकनीकी जानकारी किसानों को मुहैया कराई जाती है।

किसानों के लिए उपलब्ध एप्लीकेशन

पंचायती टाइम्स

आपकी पसंदीदा वेबसाइट 'पंचायती टाइम्स' का ऐप भी डाउनलोड किया जा सकता है। यहाँ ना सिर्फ खेती-किसानी से जुड़ी काम की ख़बरें होती हैं, बल्कि कृषि से जुड़ी नई तकनीक और खान-पान से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी मिलती है। इसके अलावा गाँव-पंचायत की ख़बरों को भी विशेष तौर पर से इस वेबसाइट और ऐप पर पढ़ा जा सकता है।

खेती किसानी (Kheti Kisani)

ये एप्लीकेशन खास करके किसानों के लिए ही बनाया गया है। जिसमें तमाम तरह की जानकारियां उपलब्ध हैं। जैसे- उन्नत खेती कैसे करें, इसके बारे में सभी जानकारी उपलब्ध कराई गई हैं। इस ऐप के ज़रिए हल्दी की खेती, लौकी की उत्तम खेती, टमाटर की खेती, प्याज़ की खेती, अनार की खेती, सोयाबीन की खेती, लहसुन की खेती के साथ-साथ प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं।

खेती की जानकारियां (Kheti Ki Jankariya)

इस एप्लीकेशन से सब्ज़ी की खेती कैसे करें इसकी जानकारी ले सकते हैं। इसके साथ ही आपको पशु पालन की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इस एप्लीकेशन के ज़रिए आपको गेहूं की उन्नत खेती, पपीते की खेती, अनार की खेती, मिर्च की फ़सल, गाजर की खेती, प्याज़ की नर्सरी, गाय पालन, भैंस पालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन से संबंधित जानकारियां मिल जाएंगी।

जैविक खेती (Jaivik Kheti)

इस एप्लीकेशन के ज़रीये आप जौविक खेती के बारे में जान सकते हैं। जैसे- जैविक खेती क्या है, जैविक खेती कैसे करें, वैज्ञानिक जैविक खेती विधी क्या है, जैविक खाद निर्माण कैसे करें, जैविक खाद के फ़ायदे क्या हैं।

किसान सुविधा (Kisan suvidha)

ये एप्लीकेशन कृषि एंव कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसकी सहायता से आप मौसम, विक्रेता, मंडी मूल्य, पौध संरक्षण, कृषि सलाह और KCC से संपर्क कर सकते हैं।