अनार की खेती से होगा फ़ायदा


अनार अर्ध शुष्क जलवायु के लिए महत्वपूर्ण फल है। देश में मुख्यत: महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में अनार की खेती की जा रही है। लेकिन राजस्थान के कुल 6 जिलों में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की पहल पर इसकी खेती पर जोर दिया जा रहा है।

अनार की खेती से होगा फ़ायदा


कम समय और पैसों में ज़्यादा कमाई का सपना हर किसी का होता है। लेकिन देश में किसानों की बात करें तो ऐसा मुश्किल नज़र आता है।
ज़रूरी यह है कि ऐसी फ़सल या बिज़नेस पर ध्‍यान दिया जाए, जिसमें लागत कम हो और लंबे समय तक के लिए कमाई सुनिश्चित हो सके। अनार की खेती ऐसा ही काम है। अनार की खेती से लाखों तक की कमाई हो रही है। दिलचस्‍प बात यह है कि इसके लिए ज़्यादा खर्च भी नहीं करने की ज़रूरत है।

देश में मुख्यत: महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में अनार की खेती की जा रही है। लेकिन राजस्थान के कुल 6 ज़िलों में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की पहल पर इसकी खेती पर ज़ोर दिया जा रहा है। फ़लस्वरुप किसानों ने अनार की खेती की तरफ़ रुझान किया है। लेकिन इसकी खेती का प्रारंभ प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से नहीं किया तो, यह अलाभदायक हो सकती है।

अनार का नया बगीचा लगाना

अनार की खेती के लिए हल्की दोमट मिट्टीयुक्त भूमि उपयुक्त होती है। इसकी खेती के लिए कतार से कतार 5 मीटर, पौधे से पौधे 3.0 मीटर की दूरी पर, 1.0 मीटर गहरे खड्डे तैयार करें।

गड्ढे में पौधे को लगाने के 1 माह पहले तैयार करें। गड्ढे को भरने के 1 दिन पूर्व गड्ढे के नीचे एक साइड की दीवारों पर 0 मि.ली. की दर से क्लोरोपायरीफॉस 4 से 5 लीटर घोल का छिड़काव करें।

100 ग्राम प्रति गड्डे के हिसाब से 00 प्रतिशत क्लोरीन पाउडर (ब्लीचिंग पाउडर) का भुरकाव करें।

गड्ढे को बालू मिट्टी, दोमट मिट्टी व चिकनी मिट्टी के बराबर अनुपात में भरें।

प्रत्येक गड्डे के ऊपरी भाग में (30 से 50 से.मी.) निम्न मिश्रण मिट्टी में मिलाकर भरें।

गोबर की खाद : 10 कि.ग्रा.

वर्मी कंपोस्ट : 0 कि.ग्रा.

नीम केक : 5 कि.ग्रा.

ट्राइकोडर्मा पाउडर : 25 ग्राम

फास्फेट सोल्युबलाइजिंग बैक्टीरिया (पी.एस.बी.) : 25 ग्राम

स्यूडोमोनास फ्लोरेंस : 25 ग्राम

एजेक्टोबेक्टर फार्मूलेशन : 25 ग्राम

एजोस्पिरिलम फार्मूलेशन : 25 ग्राम

अनार के पौधे को लगाने से पूर्व नर्सरी में पौधे पर कॉपर आक्सीक्लोराइड 5 ग्राम/ लीटर व स्ट्रेप्टोसाइक्लीन 0.25 ग्राम/लीटर के हिसाब से छिड़काव करें।

अनार के बगीचे में वायुरोधी वृक्ष के रूप में सरु(कजूरीना), ग्रेविल्या, रोबस्टा (सिल्वर ओक) लगाएं।

मार्केट में अनार की है डिमांड

भारतीय मार्केट में अनार की अहमियत और कीमत से हर कोई वाकिफ है। ऊंची कीमत होने के बावजूद बीमारी से लेकर त्‍योहार तक में अनार का इस्‍तेमाल होता है। वहीं जूस मार्केट में करीब अनार का 70 फीसदी तक इस्‍तेमाल हो रहा है।