टमाटर की खेती से होगा लाभ


टमाटर आमतौर पर ग्रीष्म ऋतु में होनेवाली फसल है। इसके लिए गर्म और नर्म मौसम की ज़रूरत है। टमाटर का पौधा ज्यादा ठंड और उच्च नमी को बर्दाश्त नहीं कर पाता है।

टमाटर की खेती से होगा लाभ


अगर आपसे कोई पूछे कि टमाटर के एक पौधे से अधिकतम कितने किलो टमाटर का उत्पादन हो सकता है, तो आपका जवाब शायद यही होगा कि ज्यादा से ज्यादा 8 से 10 किलो, लेकिन अगर मैं कहूं कि टमाटर के एक पौधे से 19 किलो तक टमाटर का उत्पान किया जा सकता है तो शायद आपको भरोसा नहीं होगा, लेकिन ये सच है।

टमाटर आमतौर पर ग्रीष्म ऋतु में होनेवाली फसल है। इसके लिए गर्म और नर्म मौसम की ज़रूरत है। टमाटर का पौधा ज्यादा ठंड और उच्च नमी को बर्दाश्त नहीं कर पाता है। ज्यादा रोशनी से इसकी रंजकता, रंग और उत्पादकता प्रभावित होता है। विपरीत मौसम की वजह से इसकी खेती बुरी तरह प्रभावित होती है। बीज के विकास, अंकुरण, फूल आना और फल होने के लिए अलग-अलग मौसम की व्यापक विविधता चाहिए। 10 डिग्री सेंटीग्रेड से कम तापमान और 38 डिग्री सेंटीग्रेड से ज्यादा तापमान पौधे के विकास को धीमा कर देते हैं।

बीज का चयन 

बीज उत्पादन के बाद खराब और टूटे बीज को छांट लिया जाता है। बुआई वाली बीज हर तरह से उत्तम किस्म की होनी चाहिए। आकार में एक समान, मजबूत और जल्द अंकुरन वाली बीज को बुआई के लिए चुना जाता है। विपरीत मौसम को भी सहनेवाली एफ 1 जेनरेशन वाली हाईब्रीड बीज जल्दी और अच्छी फसल देती है।

टमाटर की किस्में

सामान्य किस्में: पूसा गौरव, पूसा शीतल, सालेनागोला, साले नबड़ा, वी.एल.टमाटर-1, आजाद टी-2, अर्का विकास, अर्का सौरभ,पंत टी -3

संकर किस्में: रुपाली, नवीन, अविनाश-2, पूसा हाइब्रिड-4, मनीशा, विशाली, पूसा हाइब्रिड-2, रक्षिता, डी.आर.एल-304, एन.एस. 852, अर्कारक्षक, अर्का सम्राट, अर्का अनन्या

मिट्टी का चयन

खनिजीय मिट्टी और बलुई मिट्टी में टमाटर की खेती अच्छी होती है, लेकिन पौधों के लिए सबसे अच्छी बलुई मिट्टी होती है| अच्छी फसल के लिए मिट्टी की गहराई 15-20 सेमी होनी चाह

खाद का समय

रोपा लगाने के 10 दिन बाद पहलाृी खाद देते हैं। जिसमें डीएपी 100 किलो ,यूरिया 50 किलो ,पोटाश 50 किलो, 20 किलो माइक्रो न्युट्रिशन देते हैं। 45 दिन में पौधों को बास एवं तार से बांध देते हैं।