ग्राम पंचायत की समितियां और कार्य


जानते हैं ग्राम पंचायत की समितियां और उनके कार्य के बारें में

ग्राम पंचायत की समितियां और कार्य


जानते हैं ग्राम पंचायत की समितियां और उनके कार्य के बारें में-

1. नियोजन एवं विकास समिति सदस्य: इसमें सभापति, प्रधान, छह अन्य सदस्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला और पिछड़े वर्ग का एक-एक सदस्य अनिवार्य होता है।

कार्य- ग्राम पंचायत की योजना का निर्माण करना, कृषि, पशुपालन और ग़रीबी उन्मूलन कार्यक्रमों का संचालन करना।

2. निर्माण कार्य समिति सदस्य: इसमें सभापति ग्राम पंचायत द्वारा नामित सदस्य, छह अन्य सदस्य (आरक्षण ऊपर की ही तरह) होते हैं।

कार्य: समस्त निर्माण कार्य करना और गुणवत्ता निश्चित करना।

3. शिक्षा समिति सदस्य: इसमें सभापति, उप-प्रधान, छह अन्य सदस्य, (आरक्षण उपर्युक्त की भांति) प्रधानाध्यापक सहयोजित होते हैं।

कार्य: ये प्राथमिक शिक्षा, उच्च प्राथमिक शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा और साक्षरता आदि सम्बंधी कार्यों को देखते हैं।

4. प्रशासनिक समिति सदस्य: इसमें सभापति-प्रधान, छह अन्य सदस्य आरक्षण (ऊपर की तरह) होते हैं।

कार्य: इसका काम कमियों-खामियों को देखने का होता हैं।

5. स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति सदस्य: इसमें सभापति ग्राम पंचायत द्वारा नामित सदस्य, छह अन्य सदस्य (आरक्षण ऊपर की तरह) होते हैं।

कार्य: इसका काम चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण सम्बंधी कार्य और समाज कल्याण योजनाओं का संचालन, अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्ग की उन्नति एवं संरक्षण करना है।

6. जल प्रबंधन समिति सदस्य: इसमें सभापति ग्राम पंचायत द्वारा नामित, छह अन्य सदस्य (आरक्षण ऊपर की तरह) प्रत्येक राजकीय नलकूप के कमांड एरिया में से उपभोक्ता सहयोजित होते हैं।

कार्य : इसका काम राजकीय नलकूपों का संचालन औपर पेयजल सम्बंधी कार्य देखना है।

जानते हैं ग्राम पंचायत के कार्य-

कृषि संबंधी कार्य

ग्राम्य विकास संबंधी कार्य

प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय व अनौपचारिक शिक्षा के कार्य

युवा कल्याण सम्बंधी कार्य

राजकीय नलकूपों की मरम्मत व रखरखाव

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सम्बंधी कार्य

महिला एवं बाल विकास सम्बंधी कार्य पशुधन विकास सम्बंधी कार्य

समस्त प्रकार की पेंशन को स्वीकृत करने व वितरण का कार्य

समस्त प्रकार की छात्रवृत्तियों को स्वीकृति करने व वितरण का कार्य

राशन की दुकान का आवंटन व निरस्तीकरण

पंचायती राज सम्बंधी ग्राम्यस्तरीय कार्य