कृषि मंत्री-पिछले 4 साल में भारत का दूध उत्पादन 28% बढ़ा


केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने 'राष्ट्रीय दुग्ध दिवस' समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि, "पिछले चार साल में देश का दूध उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़कर 17 करोड़ 63.5 लाख टन हो गया है।

कृषि मंत्री-पिछले 4 साल में भारत का दूध उत्पादन 28% बढ़ा


केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने 'राष्ट्रीय दुग्ध दिवस' समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि, "पिछले चार साल में देश का दूध उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़कर 17 करोड़ 63.5 लाख टन हो गया है। दूध की मांग बढ़ी है इसके साथ ही किसानों को भी औसतन प्रति लीटर दूध के लिए 7 रुपये अधिक मिल रहे हैं।" साथ ही उन्होंने दूध के प्रसंस्करण स्तर को मौजूदा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने पर भी ज़ोर देने की बात कही।

राष्ट्रीय गोकुल मिशन, प्रजनन केंद्र खोलने और डेयरी क्षेत्र के लिए समर्पित निधि जैसी पहलों का हवाला देते हुए वे बोले, "हमने पिछले चार साल में डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं जो वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन प्रयासों के नतीजे भी दिखाई देने लगे हैं।

वार्षिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत-
राधा मोहन सिंह ने कहा कि, "वर्ष 2013-14 में देश का दूध उत्पादन 13.77 करोड़ टन था और अब पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर 17 करोड़ 63.5 लाख टन हो गया है। वर्ष 2014-18 के दौरान दूध उत्पादन में वार्षिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रही, जो वर्ष 2010-14 के दौरान 4.29 प्रतिशत था। किसानों की औसत कीमत जो पहले 22 रुपये प्रति लीटर मिलती थी वह भी अब बढ़कर 29 रुपये प्रति लीटर हो गई है।"

दूध की उपलब्धता बढ़कर 376 ग्राम-
वे बोले, "प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता भी बढ़कर 376 ग्राम हो गई है, जो पहले 307 ग्राम की हुआ करती थी। उन्होंने कहा, 'दूध उत्पादों की मांग बढ़ रही है। इसकी प्रसंस्करण क्षमता और मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की जरूरत है।' मंत्री ने उत्पादन को बढ़ाने के लिए स्वदेशी गाय की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।"

20 भ्रूण हस्तांतरण प्रौद्योगिकी केंद्रों की स्थापना हुई-
उन्होंने कहा कि, "देश में 20 भ्रूण हस्तांतरण प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं और उनमें से 19 के प्रस्तावों को अब तक मंजूरी दे दी गई है। ये केंद्र स्वदेशी गोवंशी नस्लों के 3,000 उच्च जेनेटिक मेरिट बैल का उत्पादन कर रहे हैं। पशुपालन सचिव तरुण श्रीधर ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2022 तक देश का दूध उत्पादन 25 करोड़ टन तक पहुंच जाएगा। हम इस लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लेंगे।"