सीएम- सूखा प्रभावित क्षेत्रों में रबी बीज पर 90 फीसदी सब्सिडी


मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश के अनुसार, सूखाग्रस्त क्षेत्र में रबी फसल के बीज पर सब्सिडी 50 फीसदी से बढ़ाकर 90 फीसदी होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए की आपदा प्रबंधन से तत्काल विभिन्न राहत कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएं। सूखाग्रस्त क्षेत्र के लिए एडवांस प्लांनिग करें। फसल बीमा का लाभ किसानों को जल्द से जल्द मिले।

सीएम- सूखा प्रभावित क्षेत्रों में रबी बीज पर 90 फीसदी सब्सिडी


मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश के अनुसार, सूखाग्रस्त क्षेत्र में रबी फसल के बीज पर सब्सिडी 50 फीसदी से बढ़ाकर 90 फीसदी होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए की आपदा प्रबंधन से तत्काल विभिन्न राहत कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएं। सूखाग्रस्त क्षेत्र के लिए एडवांस प्लांनिग करें। फसल बीमा का लाभ किसानों को जल्द से जल्द मिले। 

मुख्यमंत्री बुधवार को झारखण्ड मंत्रालय में राज्य में सूखे की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। तभी वे बोले की, सभी ज़िलों के संभावित सूखाग्रस्त क्षेत्र के चिन्हितीकरण का काम पूरा करते हुए उपायुक्त 10 नवम्बर तक अपनी रिपोर्ट दें। 21 नवम्बर के पहले राज्य के सूखा पर एक पूरी रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाए। सभी विभाग सूखा प्रभावित इलाकों में अपने विभाग के द्वारा कराए जाने वाले कार्यों की योजना तथा वित्तीय मांग अगले पांच दिनों के अंदर जमा करें। हर विभाग निर्धारित समय के अंदर अपनी रिपोर्ट दें। सूखाग्रस्त क्षेत्र में सरकार के कामकाज का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि किसानों को और उस क्षेत्र के नागरिकों पर सूखे का प्रभाव न पड़े।

मुख्यमंत्री ने निदेश दिया कि सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद प्रभावित क्षेत्र के किसानों से ऋण, सहकारिता ऋण, राजस्व लगान, सेस, पटवन शुल्क, विद्युत शुल्क की वसूली मार्च 2019 तक न की जाए। इसके लिए बैंकर्स की बैठक बुलाकर उन्हें भी निर्देश दिया जाए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी स्थिति में सूखा क्षेत्र में अनाज की कमी नहीं हो। सभी पंचायतों के मुखिया के खाते में 10 हजार रुपया भेजा जा चुका है ताकि उस पंचायत में किसी भी नागरिक को अनाज की कमी होती है या भूख की स्थिति उत्पन्न होती है तो मुखिया कदम उठा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कोई भी वृद्ध व्यक्ति जिसके पास किसी भी प्रकार का राशन कार्ड नहीं है, उसे अन्नपूर्णा योजना के तहत 10 किलो अनाज कैम्प लगाकर दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर सूखा नियंत्रण कक्ष स्थापित करने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। इस कक्ष को किसानों द्वारा समस्या बताने पर तुरत राहत सुनिश्चित कराया जाए।  पहले से कार्यरत किसान हेल्पलाईन भी पूरी तरह कार्यरत रहे। किसी भी किसान को यदि पिछले वर्षों की फसल बीमा की राशि नहीं मिली हो तो वे इसकी सूचना देंगे और तत्काल उन्हें बीमा की राशि उपलब्ध कराई जाए।

सूखा क्षेत्र में पेयजल व पशुचारा उपलब्ध कराएं
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम योजना बनाते हुए आपदा के तहत तत्काल कार्य शुरू करें। मनरेगा के तहत प्रावधान के अनुरूप 100 दिनों के रोजगार के बदले 150 दिनों का रोजगार दिया जाए तथा कृषि विभाग द्वारा तालाब का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर इन क्षेत्रों में पहले कराया जाए। हर हाल में पशु चारा भी सूखाग्रस्त क्षेत्रों में उपलब्ध रहे। प्रखण्ड स्तर पर कैम्प लगाकर किसानों को पशु चारा उपलब्ध कराया जाए।

 

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