अब गैर बासमती चावल के निर्यात पर 5 फीसद सब्सिडी का ऐलान


वाणिज्य मंत्रालय ने गैर-बासमती चावल के निर्यात पर 5 प्रतिशत सब्सिडी देने का निर्णय किया है। सरकार चाहती है कि भारतीय चावल का निर्यात बढ़े ताकि किसानों को भी अच्छे दाम मिल सकें। सरकार ने एक बयान में कहा गया है कि 25 मार्च 2019 तक गैर-बासमती चावल के निर्यात पर 5 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी।

अब गैर बासमती चावल के निर्यात पर 5 फीसद सब्सिडी का ऐलान


वाणिज्य मंत्रालय ने गैर-बासमती चावल के निर्यात पर 5 प्रतिशत सब्सिडी देने का निर्णय किया है।  सरकार चाहती है कि भारतीय चावल का निर्यात बढ़े ताकि किसानों को भी अच्छे दाम मिल सकें। सरकार ने एक बयान में कहा गया है कि 25 मार्च 2019 तक गैर-बासमती चावल के निर्यात पर 5 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी। 

22 नवंबर को ट्रेड मिनिस्ट्री की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि सब्सिडी 25 मार्च 2019 तक दी जाएगी। भारत, चावल का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान भारत का गैर बासमती निर्यात बीते वर्ष के मुकाबले 9.6 फीसद गिरकर 5.8 मिलियन टन के स्तर पर पहुंच गया। भारत के गैर बासमती के सबसे बड़े खरीदार बांग्लादेश ने अपनी खरीद को कम कर दिया क्योंकि वहां पर स्थानीय पैदावार काफी अच्छी हुई है। 

जहां एक तरफ, ओलम इंडिया में राइस बिज़नेस के वाइस प्रेसिडेंट नितिन गुप्ता ने बताया कि, "यह सब्सिडी अगले कुछ महीनों में निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करेगी। भारत में गैर बासमती का निर्यात इस वर्ष काफी कमज़ोर रहा है, जबकि रुपया कमज़ोर रहा है जिसने अन्य मुद्राओं में लेन-देन करने वालों के लिए अनाज को सस्ता बनाया है।

 

वहीं दूसरी तरफ, राइस एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट बीवी कृष्णा राव ने बताया कि, "गैर-बासमती चावल के निर्यात के लिए वित्तीय सहायता देने का निर्णय स्थानीय कीमतों को स्थिर रखने में भी मदद करेगा, खासकर तब जब नई सीज़न की आपूर्ति कीमतों को कम करने के लिए होती है। स्थानीय बाज़ार में नई सीज़न चावल की आपूर्ति पहले से ही शुरू हो चुकी है।