किसानों को स्वाइल हेल्थकार्ड के साथ मिलेगा 3 लाख तक का क्रेडिट कार्ड


राज्य के किसानों को आर्थिक और शारीरिक रूप से मज़बूत बनाने के लिए नीतीश सरकार ने अब किसानों के लिए हेल्थकार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड देने की व्यवस्था की है।

किसानों को स्वाइल हेल्थकार्ड के साथ मिलेगा 3 लाख तक का क्रेडिट कार्ड


राज्य के किसानों को आर्थिक और शारीरिक रूप से मज़बूत बनाने के लिए नीतीश सरकार ने अब किसानों के लिए हेल्थकार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड देने की व्यवस्था की है। 

इसके साथ ही राज्य के सभी ज़िलों के प्रखंडों में कृषि भवन का निर्माण किया जा रहा है। यहां किसानों को कृषि से जुड़ी हुई समस्याओं का समाधान होगा। ये बात बिहार सरकार में कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बहादुरपुर प्रखंड में संयुक्त कृषि भवन के उदघाटन के दौरान कहीं।

मंत्री बोले, "टिकाऊ खेती के लिए आवश्यक है कि किसान के खेत की मिट्टी स्वस्थ हो। मिट्टी के स्वास्थ्य की जाँच के लिए राज्य सरकार द्वारा सत्त प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में राष्ट्रीय संधारणीय कृषि मिशन अंतर्गत सिंचित क्षेत्रों में 2.5 हेक्टेयर एवं असिंचित क्षेत्रों में 10 हेक्टेयर के ग्रीड से एक-एक नमूना का संग्रहण कर मिट्टी जाँच का अभियान चलाया जा रहा है।"

"इसका प्रथम चक्र मार्च, 2017 में पूर्ण हो गया है। पूरे राज्य में द्वितीय चक्र में दो वर्षों 2017 से 2019 तक 13,08,778 मिट्टी नमूने संग्रहण एवं जाँच का लक्ष्य निर्धारित है। ग्रीड में आने वाले सभी किसानों को उस ग्रीड के नमूने के आधार पर लिए जाने वाले फसल के लिए उर्वरक अनुशंसा उपलब्ध कराई जायेगी। इस लक्ष्य की पूत्र्ति के लिए सभी 38 जिलों में जिलास्तरीय मिट्टी जाँच प्रयोगशालाएँ कार्यरत हैं, जहाँ किसानों के खेत से संग्रहित नमूने निःशुल्क जाँच किए जाते हैं। नमूना लेने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से साॅफ्टवेयर आधारित नमूना संग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाती है।"

उन्होंने कहा कि, "मिट्टी की उर्वरता बनाये रखने के लिए मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के अंतर्गत किसान भाई-बहन द्वितीयक और लघु पोषक तत्वों सहित उर्वरकों का मृदा जाँच आधारित प्रयोग करें। कम्पोस्ट, हरी खाद का उपयोग करें, जैव उर्वरकों का उपयोग करने के साथ-साथ स्वाॅयल ऑर्गेनिक कार्बन का रख-रखाव एवं खेती के पश्चात् फसल अवशेष को जलाने के बदले इन्हें मिट्टी में मिलायें।"

राज्य के अन्नदाता किसान भाईयों और बहनों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने वार्ड में निर्धारित तिथि को निश्चित रूप से भाग लेकर इस योजना का लाभ उठायें।

उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने हेतु 05 से 15 दिसम्बर, 2018 तक स्वायल हेल्थ कार्ड वितरण अभियान चलाया जा रहा है। इस दरम्यान किसानों के बीच 10 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण किया जायेगा। विश्व मृदा दिवस 5 दिसम्बर, 2018 को पूरे राज्य में वार्ड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर 1.96 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी जिलों के सभी पंचायतों में प्रत्येक वार्ड में शिविर आयोजित कर किसान भाई-बहनों के बीच स्वायल हेल्थ कार्ड का वितरण किया जा रहा है। 

इस शिविर में विशेषज्ञों द्वारा किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड के लाभ एवं इसके उपयोग के विषय में विस्तार से जानकारी भी दी जायेगी। इस शिविर में संबंधित पंचायत के सभी जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। किसानों को वार्डवार स्वायल हेल्थ कार्ड वितरण की तिथि की सूचना संबंधित पंचायत के किसान सलाहकार एवं कृषि समन्वयक द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी।