चिकित्सा क्षेत्र में आए बड़े परिवर्तन


जहां पहले लोग बीमार होते ही वेद को दिखाते थे। वहीं समय के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में भी बदलाव आ गया है और चिकित्सा क्षेत्र में कईं बड़े परिवर्तन हुए हैं।

चिकित्सा क्षेत्र में आए बड़े परिवर्तन


जहां पहले लोग बीमार होते ही वेद को दिखाते थे। वहीं समय के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में भी बदलाव आ गया है और चिकित्सा क्षेत्र में कईं बड़े परिवर्तन हुए हैं।

जानते हैं चिकित्सा क्षेत्र में कईं बड़े परिवर्तन के बारे में- 

होम्योपैथी

होम्योपैथी एक ऐसी चिकित्सा थी जो आयुर्वेद के बाद प्रचलन में आई और इस चिकित्सा ने रोगी को बहुत सहुलियत दी। रोगी को अब काढ़ा बनाने के लिए, लेप बनाने के लिए, गोली बनाने के लिए श्रम नहीं करना पड़ता था, उसे वह सब गुण कुछ गोलियों से मिल जाया करते थे और उन्हें सिर्फ मुंह में रखना होता था, कम श्रम में अधिक लाभ हर कोई चाहता है बस जनता ने होम्योपैथी दवाइयों को तरजीह देना आरंभ कर दिया और होम्योपैथी दवाइयां प्रचलन में आ गंई। 

ऐलोपैथी

ऐलोपैथी का बाज़ार सबसे ज़्यादा फैला हुआ है। आज एलोपैथी दवाइयां प्रचलन मे हैं। इसके साइड इफेक्ट जानलेवा तक होते हैं फिर भी इसकी उपयोगिता और खपत सबसे अधिक है।

आयुर्वेद

अचानक लोग आयुर्वेद चिकित्सा की तरफ अपना रुझान प्रकट कर रहे हैं और प्राकृतिक औषधियों के बारे में लिख-पढ़ रहे हैं। पिछले कईं वर्षों से लोग प्रकृति से जुड़े हैं और इस वजह से आयुर्वेद की मांग और खपत दोनों बढ़ गए हैं। लोगों को समझ आ गया है कि प्रकृति से विमुखता मनुष्य को भारी पड़ी है और हमारी जड़ें हमारा आयुर्वेद है जिससे लगाव रखना ज़रूरी है।