बिहार में सात पंचायत पर एक अंकेक्षक की नियुक्ति का प्रस्ताव


बिहार राज्य के पंचायती राज विभाग ने अब हर सात पंचायत पर एक अंकेक्षक (ऑडिटर) की नियुक्ति करने का फैसला लिया है।

बिहार में सात पंचायत पर एक अंकेक्षक की नियुक्ति का प्रस्ताव


बिहार राज्य के पंचायती राज विभाग ने अब हर सात पंचायत पर एक अंकेक्षक (ऑडिटर) की नियुक्ति करने का फैसला लिया है। इस तरह करीब 1200 अंकेक्षक का पद सृजित होगा। पंचायती राज विभाग के इस फैसला से बेरोजगार युवकों को के बिच ख़ुशी की लहार आ गयी। इस नियुक्ति को लेकर पूर्व के प्रस्तावों में संसोधन भी किया गया है। राज्य सरकार के दिशा निर्देश पर यह संसोधन किया गया है। अब इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में भेजने की तैयारी चल रही है। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पंचायती राज विभाग ने अंकेक्षकों की सवर्ग गठन की तैयारी पूरी कर ली है । इसके तहत पंचायती राज विभाग ने पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक के लिए अंकेक्षकों के पदों का सृजन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।  पूर्व के प्रस्तावों में चार पंचायतों और फिर बारह पंचायतो पर एक अंकेक्षक की नियुक्ति का प्रस्ताव था जिसे संसोधित कर दिया गया है। अब सात पंचायत पर एक अंकेक्षक का प्रस्ताव तैयार हुआ है। इस तरह करीब 1200 अंकेक्षक की नियुक्ति होगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण विषय ये है कि ये नियुक्तियां स्थाई तौर पर होगी। पंचायती राज विभाग में पहली बार अंकेक्षकों का संवर्ग बन रहा है। अंकेक्षकों की जरुरत पंचायतो का अंकेक्षण कराने के लिए पड़ती है। अभी पंचायती राज विभाग को बाहर से अंकेक्षकों की सेवा लेनी पड़ती है। इसमें समय और पैसा दोनों विभाग का अधिक खर्च होता है। विभाग का अपना अंकेक्षक होगा तो पैसा भी कम खर्च होगा और सुविधा पूर्वक समय पर काम भी पूरा होगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।