जाने एनिमा से दूर होने वाली बीमारियां


एनिमा एक आयुर्वेदिक विधि है जो विशेषकर आंतों की सफाई के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसमें इंजेक्शन से मल द्वार से शरीर के अंदर तेल छोड़ा जाता है और पाँच से आठ मिनट तक अंदर रहने के पश्चात यह तेल बाहर आ जाता है। इसके साथ ही पेट के भीतर जमा पुराना और ठोस मल भी बाहर आ जाता है जिससे आंतों की अच्छी तरह से सफाई हो जाती है।

जाने एनिमा से दूर होने वाली बीमारियां


एनिमा एक आयुर्वेदिक विधि है जो विशेषकर आंतों की सफाई के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसमें इंजेक्शन से मल द्वार से शरीर के अंदर तेल छोड़ा जाता है और पाँच से आठ मिनट तक अंदर रहने के पश्चात यह तेल बाहर आ जाता है। इसके साथ ही पेट के भीतर जमा पुराना और ठोस मल भी बाहर आ जाता है जिससे आंतों की अच्छी तरह से सफाई हो जाती है।

इन चीज़ों का दें ध्यान-

अगर आप एनिमा कराना चाहते हैं तो इसके लिए आपको थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है। आपको बता दें, एनिमा से पहले आपको भोजन में खिचड़ी, पुलाओ, दलिया या सलाद खाना चाहिए जिससे एनिमा का असर प्रभावी ढंग से हो। इसके अलावा एनिमा करने के बाद भी आपको यही भोजन दोहराना है और अगले दिन ही रोटी, सब्जी, चावल या दाल खानी है।



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बत दें, एनिमा आपके नज़दीकी आयुर्वेदि अस्पताल में बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध है। यदि नहीं है तो आप इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन या सरकारी दफ्तर में कर सकते हैं, क्योंकि ऐसा कोई आयुर्वेदिक अस्पताल नहीं होता जहां एनिमा की सुविधा न हो और अगर अस्पताल सरकारी है तो एनिमा आपको मुफ्त ही मिलेगा।

जो भी रोगी एनिमा के इच्छुक हैं वह यह जान लें कि एनिमा को महीने में 2 से 3 बार कराना ज़रूरी है। अगर एक बार एनिमा कराने से पेट या आंतों को सफाई की आदत नहीं बनती अर्थात वह क्रियाशील नहीं होती। महीने में कम से कम दो या तीन बार तो एनिमा कराना ही चाहिए।

 

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