इस गाय का पालन करें और कमाएं अच्छा मुनाफा


भारत के साथ-साथ पशुपालन के लिए भी दुनिया भर में मशहूर हैं. यहां के किसानों के लिए खेती जितनी महत्वपूर्ण है उतना ही महत्वपूर्ण पशुपालन भी है. यहां पशुपालन को भी एक लाभदायक व्यवसाय के तौर पर देखा जाता है. वहीं गौलाऊ (गौवलाऊ) गाय गायों की नस्ल की एक ऐसी ही गाय है जिसकी नस्ल वैज्ञानिक पद्धति और पर्यावरण के वजह से ख़त्म होने के कगार पर है. आज के समय में तकरीबन 300 गौलाऊ गाय महाराष्ट्र के वर्धा के तीन तहसीलों (आरवी, आष्टी, कारंजा ) में बची हैं।

इस गाय का पालन करें और कमाएं अच्छा मुनाफा


भारत के साथ-साथ पशुपालन के लिए भी दुनिया भर में मशहूर हैं. यहां के किसानों के लिए खेती जितनी महत्वपूर्ण है उतना ही महत्वपूर्ण पशुपालन भी है. यहां पशुपालन को भी एक लाभदायक व्यवसाय के तौर पर देखा जाता है. वहीं गौलाऊ (गौवलाऊ) गाय गायों की नस्ल की एक ऐसी ही गाय है जिसकी नस्ल वैज्ञानिक पद्धति और पर्यावरण के वजह से ख़त्म होने के कगार पर है. आज के समय में तकरीबन 300 गौलाऊ गाय महाराष्ट्र के वर्धा के तीन तहसीलों (आरवी, आष्टी, कारंजा ) में बची हैं।

गाय की इस नस्ल को बचाने के लिए स्थानीय लोग काफी मेहनत कर रहे है। साथ ही महाराष्ट्र के प्रफुल्ल और पुष्पराज समेत कई लोगों ने मिलकर 'गौवलाऊ ब्रीडर्स एसोसिएशन' बनाया है जिसके तहत वो लोगों के पास जाकर इस गाय के गुणों को बताकर जागरूकता फैला रहे है। बता दें सीमन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के साथ ही ज्यादा दाम में इस गाय का दूध और घी खरीदकर लोगों को इसे पालने के लिए प्रोत्साहित कर रहें है.  इसके लिए हाल ही में एक मेला (गौवलाऊ पशु प्रर्दशनी ) का आयोजन किया था.



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आपको बता दें गौलाऊ गाय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह गाय ज्यादा से ज्यादा तापमान में रह लेती हैं. यह जल्दी बीमार नहीं पड़ती है. इस गाय का घी बहुत ही गुणकारी है. जिसकी बाजार में कीमत तक़रीबन 15 सौ रुपये लीटर है. साथ ही इसका दूध 60 रुपये लीटर बाजारों में बिक जाता है. इस गाय के बैल खेती में काफी कारगर होते है। वहीं इस गाय की कीमत औसतन 40-45 हजार रूपये होती है और यह औसतन 7  से 8 लीटर दूध देती है।

इसके साथ ही महाराष्ट्र के रहने वाले प्रफुल्ल और पुष्पराज कालोकार के मुताबिक इस गाय का जिक्र उपनिषद में भी है। उनकी मानें तो 'अगर शरीर का कोई हिस्सा जल गया हो तो इस गाय का घी लगाने पर काफी आराम मिलता है।

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