'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' में नाम नहीं होने पर ऐसे लें फायदा


देश के छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों के भू-अभिलेखों में सम्मिलित रूप से 2 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) तक की कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व है. वहीं उनके लिए केंद्र सरकार ने 2019 के अंतरिम बजट में 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' के अनुसार हर साल 6 हजार रुपये देने की घोषणा की है. यह राशि 3 किश्त में चार-चार माह के अंतराल पर की तीन किश्तों में किसानों के बैंक खातें में सीधे उपलब्ध कराई जाएगी।

'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' में नाम नहीं होने पर ऐसे लें फायदा


देश के छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों के भू-अभिलेखों में सम्मिलित रूप से 2 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) तक की कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व है. वहीं उनके लिए केंद्र सरकार ने 2019 के अंतरिम बजट में 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' के अनुसार हर साल 6 हजार रुपये देने की घोषणा की है. यह राशि 3 किश्त में चार-चार माह के अंतराल पर की तीन किश्तों में किसानों के बैंक खातें में सीधे उपलब्ध कराई जाएगी।

बिहार के भागलपुर जिला कृषि विभाग के कृषि समन्वयक सदय कुमार ने कहा कि 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' के हकदार किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही इसके लिए 8 फरवरी से कृषि विभाग का पोर्टल  https://dbtagriculture.bihar.gov.in/  खुला हुआ है। वहीं किसान वसुधा केंद्र या सीएससी सेंटर पर जाकर भी निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। बता दें सरकार के निर्देशानुसार किसानों के आवेदनों की कई स्तरों पर जांच की जाएगी।

वे आगे बोले यह योजना सिर्फ रैयती किसानों के लिए होगा। प्रदेश में सीमांत किसानों की संख्या 81 फीसद यानि दो लाख 77 हजार के करीब है। जिले के 3 लाख किसानों में से अब तक सरकार की योजना का लाभ लेने के लिए 1 लाख 37 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन 'कृषि विभाग' के पॉर्टल https://dbtagriculture.bihar.gov.in  पर करा लिया है।

आपको बता दें कृषि समन्वयक ने बताया कि बीते 3 दिनों में 'पीएम किसान सम्मान निधि योजना' का लाभ लेने के लिए राज्यभर में 86,817 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि सरकार से मूल्यांकन की मार्गदर्शिका मिलते ही जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. लाभार्थी किसानों को समय पर लाभ मिल सके. कृषि समन्वयक ने बताया कि सीमांत एवं लघु निरक्षर किसानों में जागरूकता फ़ैलाने के लिए विभाग के स्तर पर पंचायत स्तर पर चौपाल लगाए जा रहे हैं। वहीं ऐसे किसान जिनके नाम 1 फरवरी 2019 तक लैंड रिकॉर्ड में दर्ज हैं, उन्हें ही सालाना 6 हजार नकद मिलेंगे।

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