राहुल गांधी की ‘न्याय योजना’ का लाभ इन लोगों को मिलेगा


राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर सबसे बड़े चुनावी वादे का ऐलान कर लोकसभा चुनाव की जंग को दिलचस्प मोड़ देने का दांव चल दिया है। दरअसल राहुल गांधी ने सोमवार को यह वादा किया है कि 'अगर कांग्रेस सत्ता में आयी तो देश के 5 करोड़ गरीब परिवारों को सरकार सालाना 72000 रुपए नगद देगी।

राहुल गांधी की ‘न्याय योजना’ का लाभ इन लोगों को मिलेगा


राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर सबसे बड़े चुनावी वादे का ऐलान कर लोकसभा चुनाव की जंग को दिलचस्प मोड़ देने का दांव चल दिया है। दरअसल राहुल गांधी ने सोमवार को यह वादा किया है कि 'अगर कांग्रेस सत्ता में आयी तो देश के 5 करोड़ गरीब परिवारों को सरकार सालाना 72000 रुपए नगद देगी।

वहीं इस बड़े ऐलान के साथ कांग्रेस पार्टी ने 'न्यूनतम आमदनी गारंटी योजना' की रुपरेखा से पर्दा उठा दिया है. 12000 रुपए महीने से कम आमदनी वाले सभी जाति-धर्म के करीब 25 करोड लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही स्कीम का नाम 'न्यूनतम आय योजना' (न्याय) रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे गरीबी के खिलाफ अंतिम प्रहार का ऐतिहासिक कदम करार दिया है. बता दें नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  की योजना अर्थव्यवस्था को ले डूबेगी।

राहुल गांधी ने सोमवार को जिस न्यूनतम आय योजना को न्याय का ऐलान किया है. उसे 3 साल पहले मोदी सरकार ने ही पहली बार प्रस्तावित किया था. साथ ही 2016 - 2017 के आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार की ओर से पहली बार 'यूनिवर्सल बेसिक इनकम' (यूबीआइ ) नाम से इस तरह की स्कीम की परिकल्पना की गई थी. मगर, इसके दूसरे पहलुओं पर विचार करने के बाद इसे लागू  नहीं कर पाई।

इसके साथ ही दुनिया के कई देशों में इस तरह की स्कीमों को लागू किया जा रहा है, वहां भी इसकी सफलता को लेकर अभी भी बहुतेरे सवाल उठ रहे है. जर्मनी जैसे विकसित देश में जहां लम्बे विचार के इसे ख़ारिज कर दिया गया. जहां फिनलैंड इसे लागू करने के बाद वापस ले चुका है. वहीं कई विकसित, विकासशील व गरीब देशों में इसे लागू किया जा रहा है।