समता फाउंडेशन कर रहा एक सुंदर भविष्य का निर्माण


एक छोटे से नेत्र जांच शिविर से शुरू होकर ये संगठन न केवल भारत बल्कि विश्व के तमाम देशों में मानवतावादी कार्यों को अंजाम दे रहा है।

समता फाउंडेशन कर रहा एक सुंदर भविष्य का निर्माण


आंखों से जुड़ी समस्या में एक गंभीर समस्या मोतियाबिंद की भी है, जिससे आंख के लैंस में एक धब्बा आ जाता है और चीजें धुंधली नजर आती हैं। इस समस्या को सर्जरी के जरिए तो हटाया जाता हैं। और ऐसे ही पुण्य का काम कर रहा है समता फाउंडेशन जो उन लाखों लोगो को रोसनी प्रदान करता है जो मोतियाबिंद से परेशान है। समता फाउंडेशन ना केवल मोतियाबिंद बल्की अखों से जुड़ी तमाम समस्याओं पर कार्य कर रहा है। समता फाउंडेशन की नींव आधिकारिक रूप से कंपनी अधिनियम, 2063 BS के तहत 2009 में एक लाभ-रहित-साझाकरण संगठन के तौर पर किया गया। इस फाउंडेशन की परिकल्पना सबसे पहले पुरुषोत्तम अग्रवाल ने किया। एक छोटे से नेत्र जांच शिविर से शुरू होकर ये संगठन न केवल भारत बल्कि विश्व के तमाम देशों में मानवतावादी कार्यों को अंजाम दे रहा है।

समता फाउंडेशन के कार्य

समता फाउंडेशन ने अबतक समाज के लिए तमाम मानवतावादी कार्यो को अंजाम दिया है। जिसमें एक लाख मोतीयाबिंद के ऑपरेशन, 15 हजार कुटुंब नियोजन ऑपरेशन, सात हजार पांच सौ कुपोषण निवारण कार्य को अंजाम दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी समता फाउंडेशन अकल्पनिय कार्य किया है। जैसे काँम्प्युटर शिक्षा के लिए पचास हजार से अधिक क्षात्र, ड्रेस डिजाइनिंग व टेलरिंग के लिए ग्यारह हजार छात्राएं, संगीत व गायन के लिए सोलह हजार छात्राएं, रोबोटिक प्रशिक्षण के लिए 190 क्षात्र/क्षात्राएं के साथ-साथ समाज सेवा के तमाम कार्य कर रहा है। महाराष्ट्र के जेल से 615 कैदीयो की रिहाई ( महिला एवंम पुरुष ), आठ हजार चष्मे वितरण का कार्य, पंद्रह हजार त्वचा रोग निवारण का कार्य महिलाओं के लिए तेरह हजार सँनीटरी पँड का वितरण। जौसे तमाम कार्यो को अंजाम दिया गया है। समता फाउंडेशन के 175 पूर्ण समय कर्मचारी समाज सेवा के लिए 24 घंटे ततपर रहते है।