युवराज सिंह ने क्रिकेट से लिया संन्यास


क्रिकेटर युवराज सिंह ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्‍यास, कहा- आगे बढ़ने का आ गया है समय..

युवराज सिंह ने क्रिकेट से लिया संन्यास


भारतीय क्रिकेट का धमाकेदार क्रिकेटर और वर्ल्डकप 2011 में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले क्रिकेटर युवराज सिंह ने क्रिकेट के हर संस्करण से हमेशा के लिए संन्यास ले लिया है। इस दौरान युवराज ने कहा कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है।

गौरतलब है कि युवराज को टीम इंडिया के शॉर्टर फॉर्मेट के सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाजों में शुमार किया जाता था। उन्‍होंने भारत के लिए 40 टेस्‍ट, 304 वनडे और 58 टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्‍व किया। वर्ल्‍डकप 2011  भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में युवराज का वर्ल्डकप में काफि अहम रोल रहा है। वहीं गेंद और बल्‍ले के शानदार प्रदर्शन से युवराज ने वर्ल्‍डकप 2011 के सर्वश्रेष्‍ठ खिलाड़ी होने का श्रेय हासिल किया था।

2011 वर्ल्‍डकप के बाद कैंसर की बीमारी से जूझने के बाद उन्‍होंने न केवल भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की बल्कि अपने प्रदर्शन से लोगों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ी। छह गेंदों पर छह छक्के लगाने का दुर्लभ कीर्तिमान भी उनके नाम के साथ शामिल है। क्रिकेटर युवराज को बचपन में रोलर स्‍केटिंग का काफी शौक था, इसमें इन्होनें कई ट्रॉफियां भी जीतीं। लेकिन उनके पिता योगराज सिंह युवराज को क्रिकेटर बनाना चाहते थे और उन्होनें एक क्रिकेटर और एक पिता के तौर पर भी युवराज को खेल में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया था और युवराज ने भी उन्हें निराश नहीं किया। आज योगराज सिंह को युवराज के पिता के नाम से जाना जाता है।