गांधी मंडेला अवार्ड्स, 2019


महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला जैसे प्रेरणादायक व्यक्तित्व को दुनिया भर में याद किया जाता है। ये व्यक्तित्व हमेशा नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्त्रोत रहेंगे, और यही गांधी मंडेला अवार्ड्स, 2019 का मकसद है..

गांधी मंडेला अवार्ड्स, 2019


महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला जैसे प्रेरणादायक व्यक्तित्व को दुनिया भर में याद किया जाता है। ये व्यक्तित्व हमेशा नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्त्रोत रहेंगे, और यही गांधी मंडेला अवार्ड्स, 2019 का मकसद है। मोहनदास करमचंद गांधी और नेल्सन मंडेला। जहां ये दो नाम दो इतिहासों का सृजन करते हैं वहीं दुनिया भर में लोगों के लिए दो दैदीप्यमान प्रकाश स्तंभ भी हैं। नेल्सन मंडेला और महात्मा गांधी - असाधारण व्यक्तित्व वाले ये दोनों ही चरित्र शब्दों में परिभाषित नहीं किये जा सकते, दोनों के चरित्र मात्र किसी विशेषण से परिभाषित करना दुष्कर है। दोनों ने ही ना सिर्फ अपने जीवन को, बल्कि आसपास के लोगों और समाज को भी बदल दिया। समाज पर दोनों के ही सकारात्मक प्रभाव अमिट रहे हैं।

जीएमए 2019 एक पहल है जो गांधी और मंडेला के आदर्शों के साथ आगे बढ़ रही है, जिसके चलते राजधानी दिल्ली में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम के रूप में इसका जीवंत प्रतिबिम्ब दर्शनीय होने वाला है। गांधी-मंडेला अवार्ड्स 2019 लोगों की उत्कृष्टता के सम्मान की दिशा में कार्यरत है जिसमें उन महान विभुतियों को सम्मानित किया जाएगा जो राष्ट्रहित में किसी न किसी तरह से सहयोग के लिए जुड़े हुए हैं। गांधी-मंडेला अवार्ड्स 2019 न केवल राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकर्षित करेगा, बल्कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के लिए राजस्व का उपार्जन करने के लिए कई रास्ते भी खोलेंगा।

इससे दोनों महाद्वीपों में पर्यटन क्षेत्र में पर्यटकों की आमद-रफ्त बढ़ेगी। यही नहीं, इस अवसर पर सांस्कृतिक और सामाजिक सहभागिता को भी पुरस्कारों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाएगा। एक तरह से ये पुरस्कार कई स्तरों पर बेहतर और बड़े आदान-प्रदान के लिए दोनों देशों के मध्य एक नई शुरुआत बनेंगे। गांधी मंडेला अवार्ड्स (GMA2019) के आयोजक इंटरएक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोनॉमी (IFIE) है, जो भारत सरकार से मान्यता प्राप्त (80G, 12A-compliant) और गैर-लाभकारी एक कंपनी है। यह भारत में महिलाओं और बच्चों के विकास और कल्याण के लिए समर्पित है। गांधी-मंडेला अवार्ड्स 2019 में भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू मुख्यअतिथि के तौर पर सम्मिलित होंगे।

प्रस्तावित जूरी की अध्यक्षता न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन (पूर्व CJI और अध्यक्ष, NHRC) और जूरी में न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा (सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश), श्री एस.वाई. कुरैशी (पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त), श्री शंकर अग्रवाल (भारत सरकार के पूर्व सचिव), श्री अनिल कुमार सिन्हा (पूर्व निदेशक, सीबीआई), श्री पहलाज निहलानी (पूर्व फिल्म सेन्सर बोर्ड अध्यक्ष) और दिग्गज फिल्म निर्माता, सुभाष घई सम्मिलित हैं। विजेताओं को भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी, श्रीमती प्रतिभा सिंह पाटिल और भारत के उपराष्ट्रपति, श्री एम. वेंकैया नायडू द्वारा सम्मानित किया जाएगा। दुनिया के विभिन्न हिस्सों के उच्चायुक्त और राजदूत अपने दूतावासों के साथ नई राजधानी में गांधी मंडेला समारोह के आकर्षण के विशेष केन्द्र होगें। इस अवसर पर सम्मिलित होने वाले देश-विदेश के राजदूतों और उच्चायुक्तों में माननीय अर्नेस्ट रवामुको, रवांडा गणराज्य के उच्चायुक्त; रूसी संघ के राजदूत माननीय निकोल आर. कुदाशेव, माननीय आंद्रे पोह, कांगो गणराज्य के राजदूत, माननीय हसान अलाउई मोस्तफी, परामर्शदाता मंत्री और मिशन के उप प्रमुख, मोरक्को दूतावास; माननीय उलिबेक तुलेकिन, कजाकिस्तान गणराज्य; माननीय सुश्री अनुग्रह अकेलो, उच्चायुक्त, यूगांडा गणराज्य, के युगांडा उच्चायोग; माननीय सुश्री स्टेला बुदिरिगन्या, बुरुंडी गणराज्य के राजदूत; माननीय मो क्या आंग, राजदूत, माननीय सर्गेई सेवलाइव, मंत्री - काउंसलर, कजाकिस्तान गणराज्य, माननीय डॉ. रोड्रिग जूडेल एमईएल, गणराज्य दूतावास कांगो; माननीय श्रीमती जुडिथ केके कानगोमा - कपिम्पिंगा, ज़ाम्बिया के उच्चायुक्त, आदि शामिल होगें।

ये पुरस्कार सम्पूर्ण विश्व को भारत और दक्षिण अफ्रीका के गांधी, मंडेला और भारत के गांधी जैसे महापुरुषों को सम्मानित करने के परिप्रेक्ष्य में प्रेरित कियी जाएगा। इस पुरस्कार के बाद, GMA 2019 निश्चित रूप से दुनिया भर में सम्मान के साथ-साथ राजस्व उत्पन्न करने की दिशा में काफि फलदायी होगा। यह सिर्फ एक शुरुआत है हमारे इस कारवाँ को आगे बढ़ाने की।