कावड़ यात्रा की सुरक्षा में लगेंगे हेलीकॉप्टर और ड्रोन


कांवड़ यात्रा 17 जुलाई से शुरू हो रही है, सुरक्षा के मद्देनज़र यात्रा की निगरानी के लिए एटीएस के साथ एनएसजी के जवान भी तैनात किए जाएगें..

कावड़ यात्रा की सुरक्षा में लगेंगे हेलीकॉप्टर और ड्रोन


 

कांवड़ यात्रा 17 जुलाई से शुरू हो रही है, सुरक्षा के मद्देनज़र यात्रा की निगरानी के लिए एटीएस के साथ एनएसजी के जवान भी तैनात किए जाएगें। यात्रा के दौरान कोई दुर्घटना ना घटे इसके लिए सुरक्षा में हेलीकॉप्टर और ड्रोन भी लगाए जाएंगे। कांवड़ यात्रा भी शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो सके इसके लिए आठ हज़ार जवानों की तैनाती भी की जाएगी। यात्रा को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद और डीजीपी ओपी सिंह ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल और राजस्थान की पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक भी की गई। मेरठ से लेकर बुलंदशहर के गुलावठी में भी तैयारियां जोरों पर है। यात्रा को लेकर मार्गों को दुरुस्त कराए जाने के निर्देश भी दे दिए गए हैं।

 

जानें, कब से है कावड़ यात्रा का विधान

ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान समुद्र से जो विष निकला, उसे भगवान शिव ने संसार को बचाने के लिए पी लिया था। जिसके बाद से भगवान शिव का नाम नीलकंठ पड़ा। विष पीने के कारण भगवान शिव का शरीर जलने लगा। भगवान शिव की ऐसी दशा देख देवताओं ने उन पर जल अर्पित करना शुरू कर दिया तभी से भगवान शिव पर जल चढ़ाने की प्रथा का चलन शुरू हुआ और कावड़ यात्रा की शुरुआत हुई।