गंभीर बाल शोषण में होगी फांसी, कैबिनेट ने दी मंजूरी


पॉक्सों कानून को कड़ा करने के लिए कैबिनेट ने संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब पॉक्सो एक्ट के तहत बाल बलात्कारियों को सीधे फांसी की सजा दी जाएगी..

गंभीर बाल शोषण में होगी फांसी, कैबिनेट ने दी मंजूरी


लगातार बच्चों के साथ हो रहे दुष्कर्म के मामलों को देखते हुए पॉक्सों कानून को कड़ा करने के लिए कैबिनेट ने संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब पॉक्सो एक्ट के तहत बाल बलात्कारियों को सीधे फांसी की सजा दी जाएगी। प्रस्तावित संशोधन में बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न मामले में मृत्युदंड और 18 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ किसी भी अन्य अपराध के लिए कठोर सजा का प्रावधान है। दरअसल पॉक्सो यानि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 में सरकार ने एक विशेष कानून बनाया था जिससे बच्चों के खिलाफ हो रहे लैंगिक उत्पीड़न पर लगाम लगाई जा सके।

 

 पॉक्सो में अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान है। इस अधिनियम में सात साल की सजा से लेकर उम्रकैद तक का प्रावधान है साथ ही साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अधिनियम की धारा 11 के तहत यदि कोई भी व्यक्ति किसी बच्चे को गलत नीयत से छूता है या फिर उसके साथ गलत हरकतें करने का प्रयास करता है या उसे पॉर्नोग्राफी दिखाता है तो उसे धारा 11 के तहत दोषी माना जाएगा। इस धारा के लगने पर दोषी को तीन साल तक की सजा हो सकती है।