शनि के बुरे प्रभाव से बचने के लिए कष्ट निवारण के उपाय :-


रुद्राभिषेक करने से हमारी कुंडली के बुरे से बुरे प्रभाव भी समाप्त हो जाते है और शिवभक्ति का उदय भी होता है..

शनि के बुरे प्रभाव से बचने के लिए कष्ट निवारण के उपाय :-


 

हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दु:खों के कारण हैं। यदि आप भी दुख और पीड़ा से परेशान हैं तो ये उपाय आपके लिए ही हैं। क्या आप जानते है कि रुद्राभिषेक करने से हमारी कुंडली के बुरे से बुरे प्रभाव भी समाप्त हो जाते है और शिवभक्ति का उदय भी होता है यदि आप शनि के बुरे प्रभाव से परेशान है या आपके भग्योदय में बार-बार रूकावट आ रही है तो आपको रुद्राभिषेक जरूर कराना चाहिए। रुद्राभिषेक से व्यक्ति के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। रुद्राभिषेक में दूध, दही, घृत, शहद और चीनी सभी मिलाकर पंचामृत से भी अभिषेक किया जाता है।

शनि के प्रकोप से बचने के लिए हनुमान जी के संकटमोचन का पाठ भी काफि फहदायी होता है। हनुमान जी को स्वयं शनिदेव ने ही आर्शीवाद दिया हुआ है कि जिस घर में हनुमान चालीसा का पाठ या उनकी पूजा होगी उस घर में शनिदेव अपनी बुरी दृष्टि नहीं डालेगें।

प्रथम भाव में शनि हो तो कष्ट निवारण के उपाय:-

1. अपने ललाट पर प्रतिदिन दूध अथवा दही का तिलक लगाए।

2. शनिवार के दिन शरीर पर न तो तेल लगाएं और न ही तेल खाए।

3. तांबे के बने हुए चार साँप शनिवार के दिन नदी में प्रवाहित करें।

4. भगवान शनिदेव या हनुमान जी के मंदिर में जाकर प्रर्थना करें कि हे, प्रभु हमसे जो पाप हुए हैं, उनके लिए हमे क्षमा करो.

5. आप 48 वर्ष से पहले अपने नाम मकान न बनाये लेकिन कुंडली का चौथा और दसवां घर खाली है तो अपने नाम से घर बना सकते हैं।

अगले भाव के बारे में बताएंगें अपने अगले लेख में..

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