हादसे के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन


उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता के साथ हुए कार हादसे मामले में अब कई संगठन सामने आ गए है जो इसके खिलाफ सड़कों पर इसका विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं..

 हादसे के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन


उन्नाव में दुष्कर्म पीड़िता के साथ हुए कार हादसे मामले में अब कई संगठन सामने आ गए है जो इसके खिलाफ सड़कों पर इसका विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके तहत लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यालय का घेराव किया। वहीं जनवादी महिला समिति समेत कई संगठनों ने भी पीड़िता के साथ हुए हादसे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने की कवायद तेज हो गई है। हालांकि पीड़िता के चाचा की तरफ से दर्ज हुई एफआईआर के बाद सीबीआई जांच की कवायद तेज हो गई है। पीड़िता के चाचा ने जेल में ही उनसे मिलने गईं डीएम नेहा शर्मा को सीबीआई की जांच के लिए तहरीर लिख कर दी थी, डीएम ने लखनऊ भेजा था।

मामले में लखनऊ रेंज एडीजी राजीव कृष्णा ने बताया कि पीड़िता की हालत बहुत गंभीर है। पीड़िता को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है जो अभी कुछ भी बताने की हालत में नहीं है। दरअसल यूपी के रायबरेली में बीते रविवार को एक ट्रक ने एक कार को टक्कर मार दी, जिसमें उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता, उसके रिश्तेदार और वकील बैठे हुए थे। हादसे में पीड़िता की चाची समेत दो की मौत हो गई, जबकि पीड़िता और वकील गंभीर रूप से जख्मी हो गए। वहीं उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओ.पी. सिंह ने कहा है कि उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही नहीं की गई है।  हालांकि इस मामले में डीजीपी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

क्या है ये पूरा मामला                              

दरअसल उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उन्नाव की एक किशोरी ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में पीड़िता ने आरोपी विधायक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री के घर के बाहर आत्मदाह करने कोशिश की थी। इसके दो दिन बाद ही विधायक के भाई अतुल सिंह की पिटाई से घायल पीड़िता के पिता की उन्नाव जेल में मौत हो गई थी। पीड़िता के पिता की मौत के बाद मामला सुर्खियों में आया और कई पार्टियों के लिए राजनीतिक मुद्दा बन गया। जिसके बाद विधायक के भाई अतुल सिंह और उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया। जानकारी के मुताबिक अतुल ने ही पीड़िता के पिता के साथ मारपीट की और फिर उन्हें फर्जी मामले में जेल भी भिजवा दिया। बहरहाल विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर ने जिस तरह से पीड़ित के परिवार के साथ मारपीट की और फिर जूठे केस में पीड़ित के ही परिवार को फसाया वो कहीं ना कहीं यूपी की इस कानून व्यवस्था पर एक सवालिया निशान जरूर लगा रहा है। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।

 

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