भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का है विशेष महत्व


2 सितंबर सोमवार को गणेश चतुर्थी के चलते बाज़ार में भगवान गणेश की इको-फ्रेंडली प्रतिमा मिल रही है..

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का है विशेष महत्व


 

 

2 सितंबर सोमवार को गणेश चतुर्थी के चलते बाज़ार में भगवान गणेश की इको-फ्रेंडली प्रतिमा मिल रही है। ऐसे कई मूर्तिकार है जो पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखकर मूर्तियों का निर्माण कर रहे है। कई कलाकार तो मूर्ति के अंदर तुलसी के बीज रखकर उनका निर्माण कर रहे हैं। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का अपना अलग ही महत्व है। चतुर्थी तिथि से अनन्त चतुर्दशी तक गणेश पूजा का विशेष महत्व होता है। गणेश को प्रथम पूज्य कहा जाता है। इस विशेष तिथि में लोग अपने-अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित कर पूजन करते है। इस बार गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी 2 सितंबर यानि सोमवार को पड़ रही है।

शिव पुराण के अनुसार गणेश जी का जन्म भाद्रशुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि को हुआ था। महाराष्ट्र और आस-पास के कई प्रान्तों में इसे गणेश जयन्ती के रूप में मनाया जाता है और एक दिन से लेकर 10 दिनों तक इनकी पूजा अर्चना की जाती है । पारिवारिक, सामाजिक एवं आर्थिक उन्नत्ति के लिए इस त्योहार का बहुत महत्व है। महाराष्ट्र में तो हर घर में इनकी विशेष पूजा की जाती है। 10 दिनों तक इनकी पूजा की जाती है। बड़े-बड़े पंडाल लगाकर लोग इनकी पूजा अर्चना करते हैं। दस दिनों तक पूजा के बाद अनन्त चतुर्दशी के दिन इनका विसर्जन किया जाता है।