भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार शतकीय पारी खेलकर अपनी वापसी का जोरदार ऐलान कर दिया। लंबे समय बाद वनडे टीम में लौटे ईशान ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए विपक्षी गेंदबाजों की जमकर खबर ली और कई रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिए।
लखनऊ में खेले गए मुकाबले में ईशान ने केवल 79 गेंदों पर 125 रन बनाए। उनकी पारी में 14 चौके और 7 शानदार छक्के शामिल रहे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 158 से अधिक रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है।
अफगानिस्तान के खिलाफ सबसे तेज शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बने
ईशान किशन ने महज 71 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह वनडे क्रिकेट में अफगानिस्तान के खिलाफ सबसे तेज शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
इस सूची में शीर्ष स्थान पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मोर्गन हैं, जिन्होंने 2019 में 57 गेंदों पर शतक जड़ा था। वहीं भारतीय कप्तान रोहित शर्मा दूसरे स्थान पर मौजूद हैं।
अफगानिस्तान के खिलाफ सबसे तेज वनडे शतक
- इयोन मोर्गन – 57 गेंद (2019)
- रोहित शर्मा – 63 गेंद (2023)
- ईशान किशन – 71 गेंद (2026)
- ग्लेन मैक्सवेल – 76 गेंद (2023)
- शुभमन गिल – 77 गेंद (2026)
शुभमन गिल ने भी खेली कप्तानी पारी
ईशान किशन से पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और तेज शतक लगाया। गिल ने 77 गेंदों में अपना शतक पूरा कर इस प्रतिष्ठित सूची में पांचवां स्थान हासिल किया।
दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों ने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
तीन साल बाद वनडे में वापसी, आते ही जड़ा शतक
ईशान किशन के लिए यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने करीब तीन साल बाद वनडे क्रिकेट में वापसी की है। इससे पहले उन्होंने अपना आखिरी वनडे मुकाबला 2023 विश्व कप के दौरान अफगानिस्तान के खिलाफ ही खेला था।
पहले वनडे में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे, लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने अपने प्रदर्शन से आलोचकों को करारा जवाब दिया।
2026 बना ईशान किशन के करियर का टर्निंग पॉइंट
साल 2026 ईशान किशन के लिए बेहद यादगार साबित होता दिख रहा है। लंबे इंतजार के बाद टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान हाल ही में भारत की टी20 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे थे।
अब वनडे क्रिकेट में वापसी के साथ ही उन्होंने शतक जड़कर यह संकेत दे दिया है कि वह सीमित ओवरों के दोनों प्रारूपों में अपनी जगह मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
टीम इंडिया को मिला मजबूत विकल्प
ईशान किशन की यह पारी भारतीय टीम प्रबंधन के लिए भी राहत की खबर है। विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी टीम को अतिरिक्त संतुलन प्रदान करती है। आने वाले बड़े टूर्नामेंटों और द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में उनका यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे वनडे में ईशान किशन ने न केवल शतक जड़ा, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर मैच बदलने की क्षमता रखते हैं। तीन साल बाद वनडे टीम में वापसी करते हुए ऐसी पारी खेलना उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा दोनों को दर्शाता है। यदि वह इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो भारतीय टीम के लिए आने वाले वर्षों में अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।








