काबुल में आत्मघाती बम धमाका, मारे गए 53 लोगों में से 46 महिलाएं


अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने ट्वीट करते हुए लिखा कि अफगान राजधानी के हजारा इलाके में शुक्रवार को कॉलेज में हुए बम विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है।

काबुल में आत्मघाती बम धमाका, मारे गए 53 लोगों में से 46 महिलाएं


काबुल शिक्षा केंद्र विस्फोट में 40 से अधिक लोगों की मौत के कुछ दिनों बाद ही अफगानिस्तान की राजधानी के पश्चिमी हिस्से में सोमवार (3 अक्टूबर, 2022) को एक और विस्फोट हुआ, जिसमें 53 लोग मारे गए। मारे गए 53 लोगों में 46 लड़कियां और महिलाएं शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विस्फोट काबुल के पीडी 6 के पश्चिम में दोपहर करीब 2:00 बजे हुआ। शहीद मजारी इलाके में हुआ विस्फोट हजारा आबादी वाला इलाका है।

वहीं अभी तक विस्फोट और हताहतों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं मिली है। तालिबान के अधिकारियों ने अभी तक विस्फोट पर कोई बयान जारी नहीं किया है। विस्फोट की रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब संयुक्त राष्ट्र मिशन ने आज कहा कि काज एजुकेशनल सेंटर में हुए एक आत्मघाती बम विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 43 हो गई है। हजारा के पड़ोस में शुक्रवार को हुए कॉलेज बम विस्फोट में हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।

अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने ट्वीट करते हुए लिखा कि अफगान राजधानी के हजारा इलाके में शुक्रवार को कॉलेज में हुए बम विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। अब तक 43 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 83 लोग घायल हैं। हमले का मुख्य शिकार लड़कियां और युवतियां हैं। हताहतों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

शनिवार को अल्पसंख्यक हजारा समुदाय की दर्जनों महिलाओं ने काबुल में काज एजुकेशनल सेंटर पर हुए आतंकी हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। पझवोक अफगान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, काले कपड़े पहने महिला प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यकों के नरसंहार के खिलाफ नारे लगाए और अपने अधिकारों की मांग की।

यह विस्फोट काबुल के वजीर अकबर खान इलाके के पास एक विस्फोट की सूचना के कुछ दिनों बाद हुआ, जिसने वैश्विक आक्रोश को जन्म दिया था। काबुल में रूसी दूतावास के बाहर हाल ही में हुए विस्फोट की भी कड़े शब्दों में निंदा की गई थी।

अफगानिस्तान में यह विस्फोट तब हो रहे हैं, जब तालिबान ने पिछले साल अफगानिस्तान में अपने शासन का एक साल पूरा कर लिया था। अधिकार समूहों ने कहा कि तालिबान ने मानव और महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने के लिए कई वादों को तोड़ा है।

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