भांग के पौधे से करें जानलेवा बीमारियां दूर


अब भांग की खेती से बीमारियां होंगी दूर। दरअसल, देश के वैज्ञानिक संस्थान और अनुंसधान परिषद ने भांग के पौधे से तीन तरह की ऐसी दवाईओं को विकसित किया है जिनका इस्तेमाल मिर्गी, कैंसर और स्किन सेल जैसे रोगों का उपचार किया जा सकता है।

भांग के पौधे से करें जानलेवा बीमारियां दूर


अब भांग की खेती से बीमारियां होंगी दूर। दरअसल, देश के वैज्ञानिक संस्थान और अनुंसधान परिषद ने भांग के पौधे से तीन तरह की ऐसी दवाईओं को विकसित किया है जिनका इस्तेमाल मिर्गी, कैंसर और स्किन सेल जैसे रोगों का उपचार किया जा सकता है।

इससे बनी दवाओं का परीक्षण पशुओं पर शुरू कर दिया गया है। साथ ही मानव पर भी इसके परीक्षण हेतु ड्रग कंट्रोलर जनरल से अनुमति मांगी गई है। इन तीनों ही दवाओं को अमेरिका में विकसित दवाओं की तर्ज पर भारतीय ज़रूरतों के हिसाब से विकसित किया गया है।

 ापको बता दें, इससे पहले अमरीका में भांग से बनी इन दवाओं को पहले ही मंज़ूरी दी जा चुकी है। 

सीएसआईआर की तरफ से पहली बार भांग के पौधे से इन दवाओं के निर्माण को लेकर विभिन्न पक्षों के साथ विचार किया गया है। साथ ही, उच्चस्तरीय बैठक भी की गई है। इस दौरान जम्मू स्थित प्रयोगशाला इंडियन इस्टीट्रूयूट अफ इंटीग्रेटिव मेडिसन के निदेशक के डॉ रामविश्वकर्मा के मुताबिक उनकी प्रयोगशालाओं ने इन दवाओं को पूरी तरह से विकसित कर लिया है।

अब इन दवाओं के मानव परीक्षण हेतु अनुमति मांगी गई है इसके अलावा भांग से दूसरी दवाओं को बनाने का भी काम चल रहा है। संस्थान के मुताबिक भांग के पौधे पर रिसर्च कर दवा को बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से एक एकड़ भूमि पर भांग की खेती के लिए लासेंस दिया गया है।

आईआईएम के निदेशक डॉ राम विश्वकर्मा ने बताया, ये दवाएं लोगों को दो साल के अंदर आसानी से मिल सकेंगी। इन दवाओं को बायोइक्वेंस श्रेणी में ही बनाया है।

 

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