ये 5 राज्य सबसे ज़्यादा कृषि कर्ज़ लेते हैं


जिन पांच राज्यों पर पूरे कृषि कर्ज का 50 फीसद बाकी है उन्हीं राज्यों में लोकसभा की 40 फीसद सीटें हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में लोकसभा की 220 सीटें हैं। किसान कर्ज का तकरीबन 50 फीसद हिस्सा इन्हीं राज्यों में बाकी है।

ये 5 राज्य सबसे ज़्यादा कृषि कर्ज़ लेते हैं


जिन पांच राज्यों पर पूरे कृषि कर्ज का 50 फीसद बाकी है उन्हीं राज्यों में लोकसभा की 40 फीसद सीटें हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में लोकसभा की 220 सीटें हैं। किसान कर्ज का तकरीबन 50 फीसद हिस्सा इन्हीं राज्यों में बाकी है।

इन पांच राज्यों में राजनीतिक दलों का स्वरूप और रुख कुछ ऐसा है कि यहां कुछ भी कहना मुश्किल है कि जनता किस राजनीतिक दल का समर्थन करेंगी। 

आपको बता दें, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में तो भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही शीर्ष राजनीतिक दलों की कोई खास पकड़ नहीं है। ऐसे में ये गठबंधन के सहारे ही इन राज्यों में चुनाव लड़ेंगे। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ा अंतर बनाया था।

इन पांच राज्यों की 220 सीटों में से भाजपा ने 114 पर कब्जा किया था। महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में से तीन राज्य -आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में किसानों की समस्या अभी सबसे ज्यादा गंभीर मानी जा रही है। आंध्र प्रदेश में विधान सभा चुनाव लोकसभा के साथ ही होंगे।

इसके अलावा ओडिशा, सिक्किम व अरुणाचल प्रदेश के विधान सभा चुनाव भी लोकसभा के साथ होने हैं। ओडिशा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से हाल ही में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया गया है. इससे यह स्पष्ट है कि वहां के विधानसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र में इसे शामिल भी किया जाएगा।

नीति आयोग के सदस्य और कृषि मामलों के विशेषज्ञ रमेश चंद ने हाल ही में कहा है कि ‘जिन राज्यों में कृषि कर्ज़ माफ़ किया गया हैं उससे राज्यों के मात्र 10 से 15 फीसद किसानों को ही फायदा हुआ हैं क्योंकि, इन राज्यों में कुछ ही किसान संस्थागत कर्ज हासिल कर पाते हैं। 

 

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