अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ यानी जवाबी आयात शुल्क (Reciprocal Tariffs) की घोषणा करके सबको चौंका दिया था। ट्रंप ने इस दिन को खास नाम भी दिया, लिबरेशन डे यानी आजादी दिवस।
अपने एक बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, दुनिया के कई देश अमेरिकी उत्पादों पर जमकर टैरिफ लगाते हैं, वहीं अमेरिका उन देशों के उत्पादों पर कम आयात शुल्क वसूलता है। जिसकी वजह से अमेरिका को भारी नुकसान हो रहा है।
लेकिन, इस टैरिफ योजना का घोषणा के बाद से ट्रंप ने सबको चौंका दिया है क्योंकि ट्रंप ने एक ऐसी जगह के लिए भी टैरिफ की घोषणा की है जहां एक दशक से कोई इंसान गया ही नहीं है। यानी की 2000 से इस आईलैंड पर अब इंसान नहीं सिर्फ पेंगुइन जैसे पक्षियों का ही बसेरा रह गया है, यहां भी ट्रंप ने टैरिफ लगा दिया है।
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जी हां, हम बात कर रहे हैं अंटार्कटिका की। ट्रंप ने यहां के एक ऐसे आइलैंड पर भी 10 फीसदी टैरिफ लगाया गया है, जहां कोई इंसान ही नहीं। हर्ड द्वीप और मैकडोनाल्ड द्वीप, जो कि धरती की सबसे निर्जन स्थानों में गिने जाते हैं, ये दोनों ही ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अधीनस्थ आते हैं।
अगर यहां पहुंचने की बात करें तो पर्थ शहर से यहां नाव या शिप से करीब 8-10 दिन लग जाएंगे। मतलब कि जहां पिछले एक दशक से किसी इंसान ने कदम तक नहीं रखा है वहां के लिए भी ट्रंप ने 10 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। जिसके बाद से ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पलटवार करते हुए कहा कि इस धरती पर कोई भी सुरक्षित नहीं है।
बता दें कि इस टैरिफ के अनुसार, अमेरिका ने विभिन्न देशों से आयातित वस्तुओं पर नए आयात शुल्क लगाए हैं। ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी टैरिफ का एलान किया है जो सभी देशों में सबसे ज्यादा है। इससे भारत को करीब 31 बिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है।