भारतीय बैडमिंटन की मशहूर जोड़ी साइना नेहवाल और पारुपल्ली कश्यप अब साथ नहीं रहेगी। वर्षों तक एक-दूसरे के साथ बैडमिंटन कोर्ट से लेकर जीवन के हर मोड़ पर कदम से कदम मिलाकर चलने वाली इस जोड़ी ने अलग होने का निर्णय ले लिया है। इस बात की जानकारी खुद साइना नेहवाल ने एक इमोशनल इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी।
“हमने अलग राहें चुनने का फैसला किया है” – साइना नेहवाल
साइना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, “ज़िंदगी हमें कभी-कभी अलग रास्तों पर ले जाती है। काफी सोच-विचार के बाद, मैंने और पारुपल्ली ने अलग होने का फैसला किया है। हम दोनों ने एक-दूसरे के लिए शांति, विकास और स्वस्थ जीवन को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। मैं उन सभी पलों के लिए आभारी हूं जो हमने साथ बिताए और उन्हें हमेशा याद रखूंगी। साथ ही, हम उम्मीद करते हैं कि इस समय हमारी प्राइवेसी का सम्मान किया जाएगा।”
कब हुई थी साइना और कश्यप की शादी?
साइना और पारुपल्ली की शादी 14 दिसंबर 2018 को हुई थी। दोनों की मुलाकात हैदराबाद की पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी में हुई थी, जहां से दोस्ती का सफर शुरू होकर प्यार और फिर शादी तक पहुंचा। साइना, कश्यप से तीन साल छोटी हैं। शादी के समय साइना की उम्र 28 और कश्यप की उम्र 31 वर्ष थी।

दोनों के करियर की झलक
साइना नेहवाल का बैडमिंटन करियर
2005 में मात्र 15 साल की उम्र में एशियन सैटेलाइट टूर्नामेंट जीतकर शुरुआत की।
2012 लंदन ओलंपिक में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता – ओलंपिक में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
कॉमनवेल्थ गेम्स में 3 गोल्ड मेडल –
2010, नई दिल्ली (विमेंस सिंगल)
2018, गोल्ड कोस्ट (विमेंस सिंगल और मिक्स्ड टीम)
2015 में बनीं विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में नंबर 1 पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी।
2020 में बीजेपी में शामिल होकर राजनीति में भी कदम रखा।
पारुपल्ली कश्यप का करियर
2014 कॉमनवेल्थ गेम्स (ग्लासगो) में मेंस सिंगल का गोल्ड मेडल जीता।
2013 में करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग – दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी बने।
लंबे समय तक भारतीय बैडमिंटन टीम के मजबूत स्तंभ रहे।
निजी और पेशेवर जीवन का संतुलन – लेकिन अब अंत
साइना और कश्यप की जोड़ी को फैंस ने एक परफेक्ट स्पोर्ट्स कपल के रूप में देखा था। दोनों ने अपने-अपने करियर में कई मुकाम हासिल किए और एक-दूसरे का साथ हर मोड़ पर निभाया। लेकिन अब, उन्होंने अपनी निजी ज़िंदगी में अलग रास्तों पर चलने का फैसला कर लिया है।
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एक समय पर भारतीय बैडमिंटन की पहचान रही ये जोड़ी अब सिर्फ यादों में रह जाएगी। हालांकि दोनों ने अपने फैसले को बेहद गरिमामयी ढंग से सामने रखा है, और फैंस से भी सम्मान और समझदारी की अपील की है। जीवन के इस नए अध्याय के लिए दोनों को शुभकामनाएं।









