अगर आप भी समोसा, जलेबी या लड्डू के दीवाने हैं, तो अब थोड़ा सतर्क हो जाइए। क्योंकि बहुत जल्द आपको इन स्वादिष्ट लेकिन अनहेल्दी फूड्स के साथ एक वॉर्निंग स्लिप भी देखने को मिलेगी – कुछ वैसी ही, जैसी सिगरेट की डिब्बी पर लगाई जाती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों को निर्देश जारी कर दिया है कि खाद्य पदार्थों पर शुगर और ऑयल कंटेंट की स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कराई गई एक ताज़ा स्टडी में सामने आया है कि अगर खाने की आदतें यूं ही बनी रहीं तो साल 2050 तक भारत में करीब 44.9 करोड़ लोग मोटापे का शिकार हो सकते हैं। यह आंकड़ा भारत को अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे मोटे लोगों वाला देश बना देगा। मौजूदा समय की बात करें तो भारत में हर पांचवां व्यक्ति ओवरवेट है।
इन्हीं चिंताजनक आंकड़ों को देखते हुए मंत्रालय ने ये कदम उठाया है। शुरुआत में यह व्यवस्था सरकारी संस्थानों के कैफेटेरिया और कैंटीन में लागू की जाएगी, जहां हर फूड आइटम पर ‘ऑयल-शुगर बोर्ड’ लगाया जाएगा, जिससे लोग खाने से पहले ही जान सकें कि वे क्या खा रहे हैं और वह उनकी सेहत पर क्या असर डाल सकता है।

कितनी गंभीर है स्थिति?
WHO की 2024 की रिपोर्ट बताती है कि भारत में 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग मोटापे या अधिक वजन की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं, डायबिटीज के मामले 2030 तक 10 करोड़ के पार जाने की आशंका है। यही वजह है कि हेल्थ मिनिस्ट्री और FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) मिलकर एक नई नीति पर काम कर रहे हैं। इस नीति के तहत अब फूड पैकेजिंग पर भी वॉर्निंग लेबल्स अनिवार्य किए जाएंगे।
समोसा-जलेबी बनेंगे ‘नए जमाने की सिगरेट’?
एम्स नागपुर के अधिकारियों ने इस पहल की पुष्टि करते हुए बताया कि बहुत जल्द सार्वजनिक स्थानों, संस्थानों और कैंटीनों में अनहेल्दी फूड्स पर वॉर्निंग बोर्ड्स दिखने लगेंगे। इसमें वड़ा पाव, पकौड़े, मिठाई, समोसा और जलेबी जैसे आइटम्स शामिल होंगे।
इस मुद्दे पर कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया, नागपुर के प्रमुख डॉ. अमर आमले ने कहा, “आज के दौर में शुगर और ट्रांस फैट, सिगरेट और तंबाकू जितने ही खतरनाक हो गए हैं। कई रिसर्च में यह साफ हो चुका है कि लगातार इनका सेवन न केवल मोटापा बढ़ाता है, बल्कि हार्ट डिजीज, डायबिटीज और यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जड़ बनता है।”
क्या बदल जाएगा अब?
- हर सरकारी संस्थान की कैंटीन में अब खाद्य पदार्थों पर शुगर और ऑयल कंटेंट के बोर्ड लगाए जाएंगे।
- अत्यधिक शुगर या तेल वाले फूड पर चेतावनी लेबल दिखेगा।
- यह पहल धीरे-धीरे प्राइवेट सेक्टर और बाजार में बिकने वाले आइटम्स तक भी पहुंच सकती है।
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समोसा, जलेबी और लड्डू भले ही भारतीय स्वाद का हिस्सा हों, लेकिन अब इनके साथ जुड़ रही है एक गंभीर चेतावनी। स्वास्थ्य मंत्रालय का यह कदम न केवल लोगों को जागरूक करेगा, बल्कि देश को बढ़ते मोटापे और बीमारियों से बचाने की दिशा में एक अहम पहल भी है। अगली बार जब आप किसी मिठाई या तली-भुनी चीज़ की ओर हाथ बढ़ाएं, तो उस वॉर्निंग बोर्ड पर एक नजर जरूर डालें!









