भारतीय फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री ने आज एक महान कलाकार और निर्माता को खो दिया। मशहूर अभिनेता, निर्देशक और प्रोड्यूसर धीरज कुमार का सोमवार को निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे और बीते कुछ दिनों से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच के बाद पता चला कि उन्हें निमोनिया है। हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
परिवार ने मांगी थी प्राइवेसी
धीरज कुमार के परिवार और उनकी प्रोडक्शन टीम ने हाल ही में एक आधिकारिक बयान जारी कर अस्पताल में भर्ती होने की पुष्टि की थी। उन्होंने लोगों से प्रार्थना करने और इस कठिन समय में प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की थी।
अंतिम बार दिखाई दिए थे आध्यात्मिक आयोजन में
निधन से कुछ ही दिन पहले धीरज कुमार को नवी मुंबई के इस्कॉन मंदिर के एक उद्घाटन कार्यक्रम में देखा गया था। वहां उन्होंने अपने आध्यात्मिक विश्वास और विनम्रता की बात की थी। उन्होंने कहा था, “मैं यहां एक भक्त के रूप में आया हूं। असली वीवीआईपी भगवान होते हैं, हम सब तो केवल उनके सेवक हैं।”
50 साल का शानदार करियर
धीरज कुमार का फिल्मी करियर 60 के दशक में शुरू हुआ था और उन्होंने 50 से अधिक वर्षों तक फिल्म और टेलीविजन दोनों माध्यमों में सक्रिय भूमिका निभाई।
फिल्मों में योगदान:
- रातों का राजा
- रोटी कपड़ा और मकान
- स्वामी
- क्रांति
- हीरा पन्ना
1970 से 1984 के बीच वे 21 हिंदी फिल्मों में नजर आए। इसके अलावा उन्होंने पंजाबी फिल्मों में भी दमदार काम किया।
छोटे पर्दे पर भी बनाई खास पहचान
बाद में धीरज कुमार ने फिल्मों से टेलीविजन की ओर रुख किया और कई लोकप्रिय धारावाहिकों का निर्माण किया। उन्होंने घर संसार में ‘अमर’ का किरदार निभाया और फिर निर्माता-निर्देशक के रूप में कई यादगार शोज दिए, जिनमें शामिल हैं:
- ओम नम: शिवाय
- अदालत
- धूप छांव
- हमारी बहू तुलसी
- नादानियां
- तुझ संग प्रीत लगाई सजना
- रिश्तों के भंवर में उलझी नियति
- बाबोसा
धीरज कुमार का प्रोडक्शन हाउस भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री में गंभीर, पारिवारिक और पौराणिक कंटेंट के लिए जाना जाता था।
फिल्म और टीवी जगत में शोक की लहर
उनके निधन की खबर से फिल्मी और टेलीविजन जगत में गहरा शोक फैल गया है। कई सेलेब्रिटी और पुराने सहकर्मी सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। धीरज कुमार को याद करते हुए कई लोगों ने कहा कि वे सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक संस्थान थे जिन्होंने नए टैलेंट को मौका देने में कभी पीछे नहीं हटे।
अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि
धीरज कुमार के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके मुंबई स्थित आवास पर लाया गया, जहां फिल्म और टीवी जगत के दिग्गजों का तांता लगा रहा। परिवार की ओर से जानकारी दी गई है कि अंतिम संस्कार 16 जुलाई को विले पार्ले श्मशान घाट में किया जाएगा।
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धीरज कुमार का जाना एक युग के अंत जैसा है। उन्होंने जिस समर्पण और विनम्रता से अभिनय और निर्देशन के क्षेत्र में काम किया, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। भारतीय सिनेमा और टेलीविजन उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।










