Miss Universe 2025: मेक्सिको की फातिमा बोश ने इस वर्ष आयोजित हुए मिस यूनिवर्स 2025 का ताज अपने नाम कर इतिहास रच दिया। भले ही भारत की प्रतिनिधि मनिका विश्वकर्मा टॉप 12 तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन उनकी पर्सनैलिटी, कॉन्फिडेंस और इंटेलिजेंस ने सभी का ध्यान खींचा। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया भर से आईं 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें मनिका टॉप 30 में जगह बनाकर सम्मानजनक प्रदर्शन करते हुए रहीं।
थाईलैंड की प्रवीनार सिंह बनीं फर्स्ट रनर-अप
फाइनल राउंड में मेक्सिको की फातिमा के साथ टक्कर लेने वालों में थाईलैंड, वेनेजुएला और फिलीपींस की प्रतिभागी शामिल थीं। थाईलैंड की प्रवीनार सिंह फर्स्ट रनर-अप रहीं, जबकि वेनेजुएला की कंटेस्टेंट सेकेंड रनर-अप और फिलीपींस की प्रतिभागी थर्ड रनर-अप बनीं।
इस बार के फाइनलिस्ट में चिली, कोलंबिया, क्यूबा, ग्वाडेलोप, प्यूर्टो रिको, चीन, माल्टा और कोट डी आइवर जैसी कई देशों की प्रतिभागियों ने भी जगह बनाई।
मिस यूनिवर्स 2024 ने पहनाया विजेता को ताज
पिछले साल मिस यूनिवर्स बनी डेनमार्क की विक्टोरिया केजर थेलविग ने फातिमा को यह ताज पहनाया। विक्टोरिया 2024 में अपनी जीत के साथ डेनमार्क के लिए पहला मिस यूनिवर्स खिताब लेकर आई थीं।

विवादों से घिरी रही मिस यूनिवर्स 2025 प्रतियोगिता
इस वर्ष की प्रतियोगिता शुरुआत से ही विवादों के कारण सुर्खियों में रही। जूरी के सदस्य और प्रसिद्ध म्यूज़िशियन उमर हार्पूच ने फाइनल से तीन दिन पहले इस्तीफा देकर बड़ा आरोप लगाया था कि जजों में से एक का एक कंटेस्टेंट के साथ रिश्ता है और टॉप 30 पहले से तय थे। कुछ ही समय बाद फ्रांस के जाने-माने फुटबॉल मैनेजर क्लाउड मैकेले ने भी निजी कारण बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
फातिमा बोश भी विवादों में आई थीं चर्चा में
कॉम्पिटिशन शुरू होने के तुरंत बाद फातिमा बोश का नाम विवादों में आ गया था जब आयोजक नवात इत्सराग्रिसिल ने उन्हें स्टेज पर “Dumbhead” कह दिया था। इस अपमानजनक टिप्पणी का कई प्रतिभागियों ने विरोध किया और फातिमा के समर्थन में स्टेज से वॉकआउट भी किया। मामला बढ़ने पर आयोजक को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।
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1952 में स्थापित मिस यूनिवर्स ऑर्गनाइजेशन का उद्देश्य दुनिया भर की महिलाओं को नेतृत्व, शिक्षा, सामाजिक प्रभाव और व्यक्तिगत विकास के लिए वैश्विक मंच देना है। इस साल तमाम विवादों के बावजूद विजेता फातिमा बोश की जीत ने मेक्सिको के लिए खुशी का बड़ा अवसर बना दिया।








