कर्नाटक की राजनीति में अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के संभावित इस्तीफे को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस विधायक आर. वी. देशपांडे के बयान के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने और जोर पकड़ लिया है।
“सिद्धारमैया दे सकते हैं इस्तीफा” – आर. वी. देशपांडे
कांग्रेस विधायक आर. वी. देशपांडे ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अगले 24 घंटे के भीतर इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही पद छोड़ने का मन बना चुके हैं और संभव है कि 28 मई 2026 को इस्तीफा दे दें।
देशपांडे के मुताबिक, कई विधायक चाहते थे कि सिद्धारमैया अपने पद पर बने रहें, लेकिन मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने पार्टी आलाकमान से किया वादा निभाने का फैसला किया है। अब अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका निर्णय कांग्रेस हाईकमान करेगा।
कांग्रेस नेताओं की लगातार बैठकें
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात के बाद कर्नाटक सरकार में मंत्री एच.के. पाटिल ने कहा कि उन्होंने अपनी चिंताएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं, लेकिन इस मुद्दे पर सिद्धारमैया ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में फिर बैठक हो सकती है।
वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा कि मुख्यमंत्री की नाश्ते पर होने वाली बैठक के बाद स्थिति साफ हो सकती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आधिकारिक रूप से किसी को भी पूरी जानकारी नहीं है और सभी फैसलों के लिए इंतजार करना होगा।
दिल्ली बैठक के बाद बढ़ी चर्चाएं
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने भी संकेत दिए कि पार्टी के भीतर कई अहम मुद्दों पर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुई बैठक में राज्यसभा चुनाव, विधान परिषद चुनाव और मंत्रिमंडल विस्तार जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और जिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जाएंगे। हुसैन ने कहा कि अगले एक-दो दिनों में पार्टी कुछ बड़े निर्णय ले सकती है।
क्या होगा नेतृत्व परिवर्तन?
कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा चल रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के भीतर सत्ता साझा करने को लेकर पहले से बनी समझ के तहत अब बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक मुख्यमंत्री बदलने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों और नेताओं के बयानों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस के सामने संतुलन की चुनौती
अगर कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन होता है तो कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की होगी। पार्टी को नए मुख्यमंत्री के चयन में क्षेत्रीय समीकरण, जातीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक एकता का ध्यान रखना होगा।
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अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अगली घोषणा पर टिकी हुई है, जो कर्नाटक की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।









