वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच मंगलवार को सोना और चांदी के दामों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आए, जिससे खरीदारों को कुछ राहत मिली है, जबकि निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ गई है।
दिल्ली में क्या रहे ताजा भाव?
दिल्ली के बाजार में 24 कैरेट सोना लगभग 14,900 रुपये प्रति ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 13,660 रुपये प्रति ग्राम के करीब रही। इसी तरह मुंबई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में भी सोने के भाव दबाव में रहे।
दक्षिण भारत के बाजारों में कीमतें अपेक्षाकृत ऊंची बनी हुई हैं। चेन्नई में 24 कैरेट सोना अन्य महानगरों की तुलना में अधिक स्तर पर बिकता नजर आया।
चांदी में भी तेज गिरावट
केवल सोना ही नहीं, चांदी के बाजार में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में हजारों रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली और मुंबई के खुदरा बाजारों में शुद्ध चांदी के भाव भी नीचे फिसल गए हैं।
कारोबारियों के अनुसार हाल के दिनों में तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से चांदी पर अतिरिक्त दबाव बना है।
गिरावट की प्रमुख वजहें
1. पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। हालांकि आमतौर पर ऐसे समय में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार निवेशकों का रुख डॉलर की ओर अधिक दिखाई दिया।
2. डॉलर की मजबूती
अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की मांग को प्रभावित किया है। जब डॉलर मजबूत होता है, तब अन्य देशों की मुद्राओं में इन धातुओं की खरीद अपेक्षाकृत महंगी हो जाती है, जिससे मांग कमजोर पड़ सकती है।
3. ब्याज दरों को लेकर आशंका
ऊर्जा कीमतों में संभावित बढ़ोतरी और महंगाई के जोखिम के चलते निवेशकों को आशंका है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रख सकता है। ऐसी स्थिति में सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले निवेश साधनों का आकर्षण कम हो जाता है।
खरीदारों के लिए अवसर या इंतजार?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट उन उपभोक्ताओं के लिए अवसर साबित हो सकती है जो शादी-विवाह या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि वे यह भी सलाह देते हैं कि वैश्विक परिस्थितियों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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आगे क्या रहेगा रुख?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले सप्ताहों में डॉलर की दिशा, वैश्विक महंगाई के आंकड़े और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो बाजार में अस्थिरता जारी रहने की संभावना है। फिलहाल सर्राफा बाजार में नरमी का माहौल है और निवेशक अगले बड़े संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।









