पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले कुछ दिनों से जारी अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच जम्मू-कश्मीर जॉइंट पीपुल्स एक्शन कमेटी (JAAC) के एक सदस्य ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन के सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने दावा किया है कि हालिया घटनाओं में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
JAAC ने क्या दावा किया?
सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि पिछले तीन-चार दिनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सीधे गोली चलाई गई, जिससे कई लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग घायल हो गए।
उन्होंने इन घटनाओं को बेहद गंभीर बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की भी अपील की।
रावलकोट में धरना जारी रहने का दावा
उमर नजीर कश्मीरी ने बताया कि वह रावलकोट के डी-चौक स्थित धरना स्थल पर मौजूद हैं और प्रदर्शन लगातार जारी है। उनके अनुसार, आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रदर्शनकारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती।
इस्लामाबाद में हुआ विरोध प्रदर्शन
31 जुलाई को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी PoK की स्थिति को लेकर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में पूर्व सीनेटर मुश्ताक खान समेत कई पाकिस्तानी नागरिकों और कश्मीरी समुदाय के लोगों ने भाग लिया।
उमर नजीर कश्मीरी ने इस प्रदर्शन को समर्थन देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी है।
प्रदर्शन को बताया ऐतिहासिक
JAAC सदस्य ने कहा कि इस्लामाबाद में आयोजित रैली आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण रही। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पाकिस्तान और कश्मीर के लोग इसी तरह एकजुट होकर उनकी आवाज उठाते रहेंगे।
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PoK की स्थिति पर बढ़ी निगाहें
हाल के दिनों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आती रही हैं। ताजा दावों के बाद क्षेत्र की स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, घटनाओं से जुड़े मौत और घायल होने के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में आधिकारिक बयान और स्वतंत्र जांच की रिपोर्ट का इंतजार महत्वपूर्ण माना जाता है।








