• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Thursday, August 6, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home पंचायत

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 19 साल बाद गुरुग्राम की 436 बीघा से अधिक जमीन पर ग्राम पंचायत का अधिकार बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम की 436 बीघा 18 बिस्वा सामुदायिक भूमि पर 19 साल बाद ग्राम पंचायत का स्वामित्व बहाल कर दिया। जानिए अदालत के फैसले, हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने की वजह और इस निर्णय का कानूनी महत्व।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
4 August 2026
in पंचायत, राज्यों से
0
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 19 साल बाद गुरुग्राम की 436 बीघा से अधिक जमीन पर ग्राम पंचायत का अधिकार बहाल - Panchayati Times

सुप्रीम कोर्ट

Share on FacebookShare on Twitter

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम की बहुमूल्य सामुदायिक भूमि से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए करीब 19 वर्ष बाद ग्राम पंचायत के स्वामित्व को बहाल कर दिया। अदालत ने 436 बीघा 18 बिस्वा भूमि को गांव की ‘शामलात देह’ (सामुदायिक भूमि) मानते हुए निजी स्वामित्व के दावों को अस्वीकार कर दिया।

इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के वर्ष 2007 के उस फैसले को भी रद्द कर दिया, जिसमें संबंधित भूमि पर निजी मालिकाना हक को स्वीकार किया गया था।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद गुरुग्राम के वजीराबाद से सटे हैदरपुर क्षेत्र की 436 बीघा 18 बिस्वा गैर-आबादी भूमि से जुड़ा था। वर्षों से इस जमीन के स्वामित्व को लेकर ग्राम पंचायत और निजी पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि संबंधित भूमि हरियाणा सामुदायिक भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961 के तहत ‘शामलात देह’ की श्रेणी में आती है। इसलिए इसका स्वामित्व ग्राम पंचायत के पास ही रहेगा।

हाई कोर्ट के फैसले को क्यों किया रद्द?

न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय ने केवल राजस्व रिकॉर्ड में कुछ व्यक्तियों के नाम दर्ज होने के आधार पर निजी स्वामित्व को मान्यता दे दी थी, जो कानून और तथ्यों के अनुरूप नहीं था।

पीठ ने स्पष्ट किया कि राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होना अपने आप में स्वामित्व का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता, यदि भूमि का कानूनी स्वरूप सामुदायिक भूमि का हो।

‘जमीन नया सोना बन चुकी है’

अपने विस्तृत फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने भूमि के बढ़ते महत्व पर भी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों, विशेषकर गुरुग्राम जैसे शहरों के आसपास की जमीन आज बेहद मूल्यवान हो चुकी है। ऐसे मामलों में सामुदायिक संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

ग्राम पंचायत के पुराने अधिकार को मिली मान्यता

सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 1955 में वजीराबाद ग्राम पंचायत के पक्ष में दर्ज स्वामित्व रिकॉर्ड को वैध माना और उसे बहाल रखने का आदेश दिया। इसके साथ ही 2007 का हाई कोर्ट का फैसला निरस्त कर दिया गया।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश गुरुग्राम नगर निगम के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।

यह भी पढ़ें: ‘पाकिस्तान हमारी मौसी है’ वाले बयान पर घिरे सनी देओल, ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के दौरान कही बात पर सोशल मीडिया में विवाद

फैसले का क्या होगा असर?

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं रहेगा। देशभर में ग्राम पंचायतों की सामुदायिक भूमि से जुड़े विवादों में भी इस फैसले का संदर्भ दिया जा सकता है। साथ ही यह फैसला स्पष्ट करता है कि सामुदायिक भूमि के मामलों में राजस्व रिकॉर्ड से अधिक महत्व संबंधित कानूनों और भूमि की वास्तविक कानूनी स्थिति का होगा।

Tags: Supreme Court Hindi Newsगुरुग्राम 436 बीघा जमीनगुरुग्राम जमीन विवादग्राम पंचायत अधिकारपंजाब हरियाणा हाई कोर्टवजीराबाद ग्राम पंचायतशामलात देहसुप्रीम कोर्ट फैसला
Previous Post

‘पाकिस्तान हमारी मौसी है’ वाले बयान पर घिरे सनी देओल, ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के दौरान कही बात पर सोशल मीडिया में विवाद

Next Post

NEET UG 2026: पुडुचेरी स्टेट मेरिट लिस्ट में नेगेटिव अंक वाले अभ्यर्थियों के नाम, जानिए इसकी वजह और आगे की प्रक्रिया

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

रांची छात्र आंदोलन: JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर सरकार ने वार्ता का दिया प्रस्ताव, छात्रों ने रखी खुली बातचीत की शर्त - Panchayati Times
राज्यों से

रांची छात्र आंदोलन: JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर सरकार ने वार्ता का दिया प्रस्ताव, छात्रों ने रखी खुली बातचीत की शर्त

5 August 2026
मुंबई मेयर आवास के नए अपग्रेड प्रस्ताव पर उठे सवाल - Panchayati Times
पंचायत

मुंबई मेयर आवास के नए अपग्रेड प्रस्ताव पर उठे सवाल

5 August 2026
NEET UG 2026: पुडुचेरी स्टेट मेरिट लिस्ट में नेगेटिव अंक वाले अभ्यर्थियों के नाम, जानिए इसकी वजह और आगे की प्रक्रिया - Panchayati Times
राज्यों से

NEET UG 2026: पुडुचेरी स्टेट मेरिट लिस्ट में नेगेटिव अंक वाले अभ्यर्थियों के नाम, जानिए इसकी वजह और आगे की प्रक्रिया

4 August 2026
उदयनिधि स्टालिन विवाद: अभिनेत्री त्रिशा पर कथित टिप्पणी के बाद बढ़ा राजनीतिक बवाल, हिरासत में लिए गए विपक्ष के नेता - Panchayati Times
राज्यों से

उदयनिधि स्टालिन विवाद: अभिनेत्री त्रिशा पर कथित टिप्पणी के बाद बढ़ा राजनीतिक बवाल, हिरासत में लिए गए विपक्ष के नेता

4 August 2026
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, BJP का 31 साल पुराना गढ़ टूटा - Panchayati Times
भारत

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, BJP का 31 साल पुराना गढ़ टूटा

3 August 2026
दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचाने के लिए बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा - Panchayati Times
भारत

दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचाने के लिए बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा

31 July 2026
Next Post
NEET UG 2026: पुडुचेरी स्टेट मेरिट लिस्ट में नेगेटिव अंक वाले अभ्यर्थियों के नाम, जानिए इसकी वजह और आगे की प्रक्रिया - Panchayati Times

NEET UG 2026: पुडुचेरी स्टेट मेरिट लिस्ट में नेगेटिव अंक वाले अभ्यर्थियों के नाम, जानिए इसकी वजह और आगे की प्रक्रिया

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (228)
  • खेल (570)
  • जुर्म (338)
  • दुनिया (349)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (139)
  • पंचायत (302)
  • बिज़नेस (285)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,773)
  • मनोरंजन (310)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,112)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (187)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

World Cup 2027 Qualifier Schedule: ICC ने किया क्वालिफायर की तारीखों का ऐलान, जानें कब और कैसे मिलेगा वर्ल्ड कप का टिकट - Panchayati Times

World Cup 2027 Qualifier Schedule: ICC ने किया क्वालिफायर की तारीखों का ऐलान, जानें कब और कैसे मिलेगा वर्ल्ड कप का टिकट

5 August 2026
चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, 17 राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द - Panchayati Times

चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, 17 राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द

5 August 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved