Asian Games 2026 Esports: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय ईस्पोर्ट्स टीम का अभियान बिना किसी पदक के समाप्त हो गया। भारत के 15 सदस्यीय दल ने ईफुटबॉल, पुयो पुयो चैंपियंस, पोकेमॉन यूनाइट और लीग ऑफ लीजेंड्स सहित चार पदक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया, लेकिन टीम किसी भी इवेंट में पदक तक नहीं पहुंच सकी। इस प्रदर्शन ने भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धात्मक तैयारी के साथ-साथ टीम प्रबंधन, रणनीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत में 50 करोड़ से ज्यादा लोग गेमिंग इकोसिस्टम से जुड़े हैं: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने मोबाइल कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में 50 करोड़ से ज्यादा लोग किसी न किसी तरह से गेमिंग इकोसिस्टम से जुड़े हैं। इसमें बहुत बड़ी संख्या भारत की युवाओं की है। टियर 2 और टियर 3 शहरों का युवा भी इससे जुड़ा है। अब वो गेम से जुड़ने के साथ ही E-Sports में प्रतिस्पर्धा कर रहा है, गेमिंग कंटेंट बना रहा है और नए गेमिंग बिजनेस खड़ा कर रहा है। यानि भारत में मोबाइल फोन आज गेमिंग कंसोल भी है और क्रिएशन का स्टूडियो भी बन गया है।
चार इवेंट, 15 खिलाड़ी और नतीजा शून्य
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में चार ईस्पोर्ट्स स्पर्धाओं में भाग लिया। किसी भी स्पर्धाओं में पदक तो दूर, पदक के रेस में भी न पहुंचना निश्चित रूप से निराशाजनक है।
‘लीग ऑफ लीजेंड्स’ में एक भी जीत नहीं, ग्रुप चरण में खत्म हुआ सफर
भारतीय टीम के लिए लीग ऑफ लीजेंड्स का अभियान विशेष रूप से निराशाजनक रहा। ग्रुप बी में भारत को तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। टीम दक्षिण कोरिया, चीनी ताइपे और हांगकांग, चीन के खिलाफ जीत दर्ज नहीं कर सकी।
इस स्पर्धा में दो चार-टीम समूह बनाए गए थे और प्रत्येक समूह की शीर्ष दो टीमों को सेमीफाइनल में पहुंचना था। भारतीय टीम तीनों मैच हारकर इस दौड़ से बाहर हो गई।
‘पोकेमॉन यूनाइट’ में भी नहीं मिली जीत
पोकेमॉन यूनाइट में भारत ग्रुप सी में जापान और दक्षिण कोरिया के साथ था। भारतीय टीम अपने दोनों मुकाबले हार गई और ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी।
‘ईफुटबॉल’ में बराबरी के अंक, लेकिन आगे की राह नहीं बनी
ईफुटबॉल के ग्रुप एफ में भारत और उज्बेकिस्तान दोनों ने चार-चार अंक हासिल किए। दोनों टीमों ने दो मुकाबलों में एक जीत और एक ड्रॉ दर्ज किया, जबकि मंगोलिया को दोनों मैचों में हार मिली। ग्रुप चरण में ही सफर समाप्त हो गया।
‘पुयो पुयो चैंपियंस’ में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे
चारों स्पर्धाओं में पुयो पुयो चैंपियंस भारत के लिए एकमात्र ऐसा इवेंट रहा, जिसमें खिलाड़ी ग्रुप चरण से आगे बढ़ा और क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया से हारकर बहार होना पड़ा।
प्रबंधन (ESFI) की जवाबदेही भी जरूरी
किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हार का पूरा दोष खिलाड़ियों पर डालना सही नहीं है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ तैयारी की प्रक्रिया और प्रबंधन की जिम्मेदारियों का मूल्यांकन भी जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि इसबार जो भारत की 15 सदस्यीय दल एशियन गेम्स में भाग लेने गई थी वह इलेक्ट्रॉनिक स्पोर्ट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (ESFI) के नेतृत्व में गई थी। ESFI के अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी और महासचिव लोकेश सूजी है। ESFI के अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी जो उप महानिदेशक, ओलंपिक काउंसिल ऑफ़ एशिया के भी हैं।
ईस्पोर्ट्स से जुड़े एक्सपर्ट ने एशियन गेम्स में भारत के प्रदर्शन को देखते हुए विनोद कुमार के भूमिका, मापदंड और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि इस प्रदर्शन ने ईस्पोर्ट्स के क्षेत्र में भारत का मान कम किया है।
एक्सपर्ट ने सवाल उठाया कि जब NSF का दर्जा ESFI को नहीं मिला हुआ हैं तो फिर वह कैसे टीम भेजती है? टीम के चयन प्रक्रिया पर पहले भी केस हो चुका है। राज्यों एवं राष्ट्रीय स्तर पर चयन के लिए क्या टूर्नामेंट कराया गया? क्या चयन प्रक्रिया और टीम तैयार करने के मानदंड पारदर्शी थे? क्या खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पर्याप्त अभ्यास और प्रतिस्पर्धी मैच मिले? क्या हर गेम के लिए विशेषज्ञ कोचिंग, रणनीतिक विश्लेषण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध था?
एक्सपर्ट ने मांग किया है कि ESFI और विनोद कुमार तिवारी को इन सवालों का जवाब तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ इस अभियान की विस्तृत प्रदर्शन रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।
ESFI पर पहले भी उठ चुका सवाल
ESFI पर एशियन गेम्स 2018 में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के साथ गलत अनुबंध करने को लेकर सवाल उठ चुके हैं। अनुबंध में शामिल शर्तें…
- फोटो और वीडियो: खिलाड़ियों को ESFI और प्रायोजकों के प्रचार कार्यों में अपने खर्च पर भाग लेना होगा। कंटेंट पर ESFI को व्यापक, स्थायी और विशेष अधिकार मिलेंगे।
- एशियन गेम्स से नाम वापस लेना: चयन के बाद नाम वापस लेने या प्रतियोगिता में शामिल न होने पर खिलाड़ियों को ESFI के नुकसान और खर्च की भरपाई करनी होगी। 15 दिनों में भुगतान न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- ESFI के खिलाफ बोलने या मुकदमा करने पर प्रतिबंध: खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों को ESFI की मानहानि न करने और उस पर मुकदमा न करने की शर्त स्वीकार करनी होगी।
- सभी खर्च खिलाड़ियों के जिम्मे: यात्रा और अन्य संबंधित खर्च, अप्रत्याशित अतिरिक्त खर्चों सहित, ESFI नहीं बल्कि खिलाड़ियों या उनके अभिभावकों को उठाने होंगे।
इन शर्तों में खिलाड़ियों पर व्यापक वित्तीय और कानूनी जिम्मेदारियां डाली गई हैं, जबकि ESFI खुद की जिम्मेदारियों से दूर भागता हुआ दिखाई देता हैं।
कॉमनवेल्थ ईस्पोर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले मोइन ऐजाज के साथ भी हो चुका रोस्टर विवाद
India Today Gaming की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉमनवेल्थ ईस्पोर्ट्स चैंपियनशिप में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली टीम Whoops के खिलाड़ी मोइन ऐजाज ने ESFI के रोस्टर पर 2022 में सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना था कि ESFI एशियन गेम्स तक सभी आगामी टूर्नामेंट में एक ही टीम को खेलने के लिए कह रहा है और मना करने पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का स्लॉट दूसरी टीम को दिया जा सकता है। मोइन ने इसे भारतीय Dota 2 खिलाड़ियों के लिए अनुचित बताते हुए सभी आगामी टूर्नामेंट के लिए निष्पक्ष और खुले क्वालिफायर कराने की मांग की थी।

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एशियन गेम्स में ईस्पोर्ट्स का बढ़ता महत्व
ऐसे में भारतीय ईस्पोर्ट्स के लिए यह सिर्फ एक टूर्नामेंट का परिणाम नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी का भी अहम अवसर था। भारत में ईस्पोर्ट्स की लोकप्रियता और संभावनाओं को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के लिए दीर्घकालिक योजना, मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था और प्रदर्शन आधारित जवाबदेही पर सरकार को ध्यान देना होगा।









