बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मंगलवार को भोपाल की जिला अदालत ने मामले के दो प्रमुख आरोपियों, पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत का यह फैसला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की पूछताछ अवधि पूरी होने के बाद आया।
इस मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में हुई, जहां जांच एजेंसी ने अब तक की कार्रवाई और एकत्र किए गए साक्ष्यों की जानकारी प्रस्तुत की। अदालत ने दोनों आरोपियों को आगे की न्यायिक प्रक्रिया तक जेल भेजने का निर्देश दिया।
जांच का दायरा बढ़ा
सीबीआई ने हाल के दिनों में भोपाल के कटारा हिल्स स्थित आवास पर विस्तृत जांच की है। जांच दल ने घटनास्थल का पुनर्मूल्यांकन करते हुए फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य फॉरेंसिक प्रक्रियाएं पूरी कीं। अधिकारियों ने कथित घटनाक्रम को समझने के लिए संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच
पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को मई के अंतिम सप्ताह में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले अदालत में उनकी कानूनी राहत की कोशिश सफल नहीं हो सकी थी। वहीं, उनके बेटे समर्थ सिंह को भी जांच के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार की अनुशंसा पर जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
क्या है मामला?
ट्विशा शर्मा की मृत्यु 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह घर में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। घटना के बाद उनके मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग उठी।
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अब सीबीआई मामले के विभिन्न पहलुओं, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयानों का विश्लेषण कर रही है। जांच एजेंसी की अगली रिपोर्ट और अदालत में होने वाली आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। 16 जून को न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने पर मामले में आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।









