तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल ने 2013 के दुष्कर्म मामले में सोमवार को गोवा की मापुसा अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तेजपाल ने यह कदम उठाया है। मामला करीब 13 साल पुराना है और वर्तमान में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उनकी अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने तेजपाल की सरेंडर से राहत देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किया सरेंडर
तरुण तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट के दोषसिद्धि वाले फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी अपील पर सुनवाई से पहले सरेंडर करना जरूरी था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर आगे की सुनवाई से पहले तेजपाल को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। इसी आदेश के अनुपालन में उन्होंने सोमवार को मापुसा कोर्ट में सरेंडर किया।
क्या है तरुण तेजपाल से जुड़ा 2013 का मामला?
यह मामला नवंबर 2013 का है। एक महिला पत्रकार ने तरुण तेजपाल पर गोवा के एक होटल में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। आरोप के मुताबिक, घटना 7 और 8 नवंबर 2013 को होटल की लिफ्ट में हुई थी।
आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 30 नवंबर 2013 को तरुण तेजपाल को गिरफ्तार किया गया था।
बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
मामले की सुनवाई के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने तेजपाल को दोषी ठहराया था। इसके बाद उन्होंने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
अब तेजपाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील पर सुनवाई की मांग की जा रही है। हालांकि, अपील की सुनवाई से पहले उनके सरेंडर की शर्त पूरी हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर से राहत की मांग ठुकराई
तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर से छूट दिए जाने की मांग की थी। अदालत ने पिछले महीने उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद सोमवार को उन्होंने मापुसा अदालत के समक्ष सरेंडर कर दिया। अब मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उनकी अपील की सुनवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
Tarun Tejpal Case: प्रमुख तथ्य
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| आरोपी | तरुण तेजपाल |
| मामला | 2013 का दुष्कर्म मामला |
| घटना | 7 और 8 नवंबर 2013 |
| स्थान | गोवा का एक होटल |
| गिरफ्तारी | 30 नवंबर 2013 |
| सरेंडर | सोमवार, मापुसा अदालत |
| हाईकोर्ट | दोषसिद्धि का फैसला |
| मौजूदा स्थिति | सुप्रीम कोर्ट में अपील |
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मापुसा अदालत में सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट में लंबित अपील पर है। तेजपाल की ओर से हाईकोर्ट के दोषसिद्धि वाले फैसले को चुनौती दी गई है। शीर्ष अदालत में अपील पर सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।








